Enjoy Every Movement of life!
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
kise gair pichhe zindagi ton pehla
zindagi den wale baare soch lyaa karo
ਕਿਸੇ ਗੈਰ ਪਿੱਛੇ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਮੁਕਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ,
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਬਾਰੇ ਸੋਚ ਲਿਆ ਕਰੋ..
