Enjoy Every Movement of life!
जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
Zindagi me kabhi kabhi waqt aisa bhi aata hai gam ko apne andar chupa kar bahar insaan muskurata hai 🙂
ज़िंदगी में कभी कभी वक़्त ऐसा भी आता है गम को अपने अंदर छुपा कर बाहर इंसान मुस्कुराता है 🥲
