Enjoy Every Movement of life!
जो तुम आ जाते एक बार कितनी करूणा कितने संदेश पथ में बिछ जाते बन पराग गाता प्राणों का तार तार अनुराग भरा उन्माद राग आँसू लेते वे पथ पखार जो तुम आ जाते एक बार हँस उठते पल में आर्द्र नयन धुल जाता होठों से विषाद छा जाता जीवन में बसंत लुट जाता चिर संचित विराग आँखें देतीं सर्वस्व वार जो तुम आ जाते एक बार
बचपन में किसी स्कूल में दाखिल नही हुए,
इसलिए जिन्दगी की दौड़ के काबिल नही हुए.
ख़ुशी खिलौना खेलने से नही मिलती है,
ख़ुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है.
