kaise kroge ye matt puchna ,hmare pass jwaab nhi hai
par ye sunkar ye matt sochna ki hmari akho mai khaab nhi hai
kaise kroge ye matt puchna ,hmare pass jwaab nhi hai
par ye sunkar ye matt sochna ki hmari akho mai khaab nhi hai
Girte patton se shakhon ke berang nazare hain
Lehron ki khanak sunne ko betaab kinare hain
Murjha gayi hain kaliyan bhi do boond pani ki aas mein
Mitti ki khoobsurti ab bejaan foolon ne saware hain…💯
गिरते पत्तों से शाखों के बेरंग नज़ारे हैं,
लहरों की खनक सुनने को बेताब किनारे हैं,
मुरझा गई हैं कलियाँ भी दो बूँद पानी की आस में,
मिट्टी की खूबसूरती अब बेजान फूलों ने सवारे हैं…💯
आओ मिलकर पेड़ लगाएं
पृथ्वी को हरा-भरा बनाए
पेड़ों के मीठे फल खाएं
फूलों की सुगंध फैलाएं
पेड़ों से छाया हम पाएं
चारों ओर प्राणवायु फैलाएं
मिट्टी को उपजाऊ बनाएं
भूजल स्तर को यह बढ़ाएं
बारिश का पानी ये ले आए
मिट्टी के कटाव को ये बचाएं
पक्षी इनपर अपना नीड़ बनाए
प्रदूषण से ये हमें बचाएं
जब पेड़ों से लाभ इतना पाएं
तो मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए
इन पेड़ों को क्यूं सताए
इनके संरक्षण की कसम हम खाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं…
तरुण चौधरी