AAFREEN HI HAIN WAISE KHYAALAAT PAR AAP KE
KHAFA KYA HUE AAP NE TO JUDA HI KAR DIYA
آفریں ہی ہیں ویسے خیالات پر آپ کے
خفا کیا ہوئے آپ نے تو جدا ہی کر دیا
राहे कितनी अंजान सी, मेरी खामोशी मेरी जुबान सी
वो लड़की वो नादान सी, वो हर पल मेरी जान सी I
इन आंखों में कभी अश्क सी, कभी लबो पे मुस्कान सी
सिमट जाए जो वो तो तिनका भर ये जहान, खुल के झूम तो आसमान सी
वो आंखों में एक नमी सी, वो जीवन में एक कमी सीधड़कने दफन उसके बिना इस दिल में और सांसे थमी- थमी सी
रखे ख्वाहिश भी क्या एक उसे पाने के सिवा मेरे जीवन में वो मुकाम सी I
वो लड़की वो नादान सी, वो हर पल मेरी जान सी I
Jhutha hi sahi tasli na diya hota,
Gar Ishq nahi tha hamse toh kabul bhi na kiya hota.
झूठा ही सही तसली ना दिया होता,
गर इश्क़ नही था हमसे तो कबूल भी ना किया होता|