KHAFA NAHI HAI AAPSE
MAGAR BEWAFA NIKLE AAP
PAGAL TO HUM THE
SAMAJDAR NIKLE AAP
– AMRUTA
KHAFA NAHI HAI AAPSE
MAGAR BEWAFA NIKLE AAP
PAGAL TO HUM THE
SAMAJDAR NIKLE AAP
– AMRUTA
Hasdeyan nu rawaundi e
Rondeya nu hasaundi e
Eh mohobbat vi insan to ki ki kraundi e..!!
ਹੱਸਦਿਆਂ ਨੂੰ ਰਵਾਉਂਦੀ ਏ
ਰੋਂਦਿਆਂ ਨੂੰ ਹਸਾਉਂਦੀ ਏ
ਇਹ ਮੋਹੁੱਬਤ ਵੀ ਇਨਸਾਨ ਤੋਂ ਕੀ ਕੀ ਕਰਾਉਂਦੀ ਏ..!!
“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।
फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।
हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।
याद तो करता हूँ मैं सभी को… और परवाह भी करता हूँ सब की, पर कितनी करता हूँ… बस, बताना छोड़ दिया है।।”