Chup reh kar bhi kya shor hai
Kuch gaur ispe kijiye..!!
Lafzon mein kya rakha hai sahib
Khamoshiyon ko sun lijiye..!!
चुप रह कर भी क्या शोर है
कुछ गौर इसपे कीजिए..!!
लफ़्ज़ों में क्या रखा है साहिब
खामोशियों को सुन लीजिए..!!
Enjoy Every Movement of life!
Chup reh kar bhi kya shor hai
Kuch gaur ispe kijiye..!!
Lafzon mein kya rakha hai sahib
Khamoshiyon ko sun lijiye..!!
चुप रह कर भी क्या शोर है
कुछ गौर इसपे कीजिए..!!
लफ़्ज़ों में क्या रखा है साहिब
खामोशियों को सुन लीजिए..!!
आसमां छूने की ख्वाहिश किसकी नहीं होती,
बस फर्क इतना है, हर किसी की पूरी नहीं होती,
पूरी होती है उनकी, जो पसीने की बूंदे नही गिनते ,
अब दुआओं में मेहनत जितनी बरकत कहां होती,
किसने कहा दुआओं से सब हासिल हो जाता है,
ऐसा कुछ होता तो आज किसी की हसरतें बाकी ना होती,
मसला हसरतों का है इसीलिए मेहनत की तालीम सीखी है,
कुछ तो कमी है खुदा मेरे, जो दुआएं आज थोड़ी फीकी है...
