Chup reh kar bhi kya shor hai
Kuch gaur ispe kijiye..!!
Lafzon mein kya rakha hai sahib
Khamoshiyon ko sun lijiye..!!
चुप रह कर भी क्या शोर है
कुछ गौर इसपे कीजिए..!!
लफ़्ज़ों में क्या रखा है साहिब
खामोशियों को सुन लीजिए..!!
Chup reh kar bhi kya shor hai
Kuch gaur ispe kijiye..!!
Lafzon mein kya rakha hai sahib
Khamoshiyon ko sun lijiye..!!
चुप रह कर भी क्या शोर है
कुछ गौर इसपे कीजिए..!!
लफ़्ज़ों में क्या रखा है साहिब
खामोशियों को सुन लीजिए..!!
ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना
Din vich lakh waari hasde c
Hun bin matlab de rone aa jnde
Jinu krde aan pyaar dilo asi
Adh vichkaare ohi hath shuda jnde!!💔
ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਲੱਖ ਵਾਰੀ ਹੱਸਦੇ ਸੀ
ਹੁਣ ਬਿਨ ਮਤਲਬ ਦੇ ਰੋਣੇ ਆ ਜਾਂਦੇ
ਜਿਹਨੂੰ ਕਰਦੇ ਆਂ ਪਿਆਰ ਦਿਲੋਂ ਅਸੀਂ
ਅੱਧ ਵਿਚਕਾਰੇ ਓਹੀ ਹੱਥ ਛੁਡਾ ਜਾਂਦੇ!!💔