Khamoshi oh samjhde nahi
Te keh sathon hunda nahi..!!
ਖਾਮੋਸ਼ੀ ਉਹ ਸਮਝਦੇ ਨਹੀਂ
ਤੇ ਕਹਿ ਸਾਥੋਂ ਹੁੰਦਾ ਨਹੀਂ..!!
Khamoshi oh samjhde nahi
Te keh sathon hunda nahi..!!
ਖਾਮੋਸ਼ੀ ਉਹ ਸਮਝਦੇ ਨਹੀਂ
ਤੇ ਕਹਿ ਸਾਥੋਂ ਹੁੰਦਾ ਨਹੀਂ..!!
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”
Log kehte hain ke unhe gulab ki Khushboo har fool se Achhi lagti hai!!!!
Par koi hamare dilse pooche hame toh aapke jism ki khushboo uss gulab se Bhi achhi lagti hai❤️❤️🌹🌹
-Mohammed Arman