Khamoshi oh samjhde nahi
Te keh sathon hunda nahi..!!
ਖਾਮੋਸ਼ੀ ਉਹ ਸਮਝਦੇ ਨਹੀਂ
ਤੇ ਕਹਿ ਸਾਥੋਂ ਹੁੰਦਾ ਨਹੀਂ..!!
Enjoy Every Movement of life!
Khamoshi oh samjhde nahi
Te keh sathon hunda nahi..!!
ਖਾਮੋਸ਼ੀ ਉਹ ਸਮਝਦੇ ਨਹੀਂ
ਤੇ ਕਹਿ ਸਾਥੋਂ ਹੁੰਦਾ ਨਹੀਂ..!!
पाव उठाऊ तो हर कदम पे एक दरिया जकड़ लेता है
गिराकर मुझे हरबार हवाओं से मिलकर अकड़ लेता है,
छोड़ दूं मुठ्ठी भर सपने मैं बुजदिल नही,
मान जाए तन मेरा पर मेरा दिल नहीं,
हर मोड़ पर मुझे ऐसे ही सताएंगे,
गिराकर मुझे खुद मुस्कुराएंगे,
तुम्हारे लिए मैं पहला नहीं हूं,
सुनो,
बहुत हिम्मत है मुझमें मैं अकेला नहीं हूं...
तेरे ज़ख्म को सीने से लगाए, इस ज़माने में जीने की कोशिश कर रहें हैं।