Khoeya khoeya rehnda e dila dass kyu ve
Kehre dass rog kehre jog laye tu ve..!!
ਖੋਇਆ ਖੋਇਆ ਰਹਿੰਦਾ ਏਂ ਦਿਲਾ ਦੱਸ ਕਿਉਂ ਵੇ
ਕਿਹੜੇ ਦੱਸ ਰੋਗ ਕਿਹੜੇ ਜੋਗ ਲਾਏ ਤੂੰ ਵੇ..!!
Khoeya khoeya rehnda e dila dass kyu ve
Kehre dass rog kehre jog laye tu ve..!!
ਖੋਇਆ ਖੋਇਆ ਰਹਿੰਦਾ ਏਂ ਦਿਲਾ ਦੱਸ ਕਿਉਂ ਵੇ
ਕਿਹੜੇ ਦੱਸ ਰੋਗ ਕਿਹੜੇ ਜੋਗ ਲਾਏ ਤੂੰ ਵੇ..!!
Apun ko bhi ghumne ka shouk tha,
saala zindagi ne driver bana ke chodd diya.
@80rullah
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
ठोकरें बहुत है राह में,बीत गए वो दिन रैन,
सोचा ना था यूं सौदा करूंगा,
बूंदों सी बारिश में प्यासा चलूंगा,
पसीने से तर है दामन मेरा
कैसे बायां करूं हाल ए दिल अपना के,
कैसे भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
शाम भी बीत गई, सूरज भी ढल गया,
रास्तों पर निकला तो वक्त भी बदल गया,
ठोकरें बहुत खाई अब थोड़ा संभाल गया,
किससे कहूं फिर भी भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बैचेन,
मेरा हिस्सा था जिनमें कुछ लम्हे चुरा लाया हूं,
हर कदम के साथ कुछ करीब आया हूं,
किनारों पर समेटकर कुछ लेहरें लाया हूं,
दो पल ही सही वापस आए वो दिन रैन,
मै ही हूं वो मुसाफिर, मै ही था बेचैन…