Khoeya khoeya rehnda e dila dass kyu ve
Kehre dass rog kehre jog laye tu ve..!!
ਖੋਇਆ ਖੋਇਆ ਰਹਿੰਦਾ ਏਂ ਦਿਲਾ ਦੱਸ ਕਿਉਂ ਵੇ
ਕਿਹੜੇ ਦੱਸ ਰੋਗ ਕਿਹੜੇ ਜੋਗ ਲਾਏ ਤੂੰ ਵੇ..!!
Khoeya khoeya rehnda e dila dass kyu ve
Kehre dass rog kehre jog laye tu ve..!!
ਖੋਇਆ ਖੋਇਆ ਰਹਿੰਦਾ ਏਂ ਦਿਲਾ ਦੱਸ ਕਿਉਂ ਵੇ
ਕਿਹੜੇ ਦੱਸ ਰੋਗ ਕਿਹੜੇ ਜੋਗ ਲਾਏ ਤੂੰ ਵੇ..!!

अब ना होगा तेरा साथ जिंदगी भर , रहेगा बस यही एक मलाल जिंदगी भर ।
मेरी हसरतें तेरी खुशियों में कहीं गुम हो गई , हम तलाशते रह गए जीने की वजह जिंदगी भर ।।
हाशिए पर है अब मेरे ख्वाबों की हकीकत , ख्याल भी तेरा रहा ताउम्र जिंदगी भर ।
पूछता रहा सवाल कि क्यों खुद से रूठे हैं , असर तेरी मोहब्बत का जख्म बना रहा जिंदगी भर ।।