Khoeya khoeya rehnda e dila dass kyu ve
Kehre dass rog kehre jog laye tu ve..!!
ਖੋਇਆ ਖੋਇਆ ਰਹਿੰਦਾ ਏਂ ਦਿਲਾ ਦੱਸ ਕਿਉਂ ਵੇ
ਕਿਹੜੇ ਦੱਸ ਰੋਗ ਕਿਹੜੇ ਜੋਗ ਲਾਏ ਤੂੰ ਵੇ..!!
Khoeya khoeya rehnda e dila dass kyu ve
Kehre dass rog kehre jog laye tu ve..!!
ਖੋਇਆ ਖੋਇਆ ਰਹਿੰਦਾ ਏਂ ਦਿਲਾ ਦੱਸ ਕਿਉਂ ਵੇ
ਕਿਹੜੇ ਦੱਸ ਰੋਗ ਕਿਹੜੇ ਜੋਗ ਲਾਏ ਤੂੰ ਵੇ..!!
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।
Ab fark nhi padta kon sath hai or kon nhi hai
Kyunki mene zindagi mein unhe bhi khoya hai
jinhe main apni zindagi mana krta tha