Ye bhi ik umar ke baad pata chala mujhe
Khudko janne wale zameen par nhi rehte…🙌
ये भी इक उम्र के बाद पता चला मुझे,
खुदको जानने वाले जमीं पर नहीं रहते…🙌
Ye bhi ik umar ke baad pata chala mujhe
Khudko janne wale zameen par nhi rehte…🙌
ये भी इक उम्र के बाद पता चला मुझे,
खुदको जानने वाले जमीं पर नहीं रहते…🙌
Kyu ninde eh preetan
Je salahuniya nahi aundiyan..!!
Tu shad ehna da khehra
tenu chahuniyan nahi aundiyan..!!
Na la laare je akhan ch akhan
Pauniyan nahi aundiyan..!!
Khayia na kar kasma
je nibhauniyan nahi aundiyan..!!
ਕਿਉਂ ਨਿੰਦੇ ਇਹ ਪ੍ਰੀਤਾਂ
ਜੇ ਸਲਾਹੁਣੀਆਂ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀਆਂ..!!
ਤੂੰ ਛੱਡ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਖਹਿੜਾ
ਤੈਨੂੰ ਚਾਹੁਣੀਆਂ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀਆਂ..!!
ਨਾ ਲਾ ਲਾਰੇ ਜੇ ਅੱਖਾਂ ‘ਚ ਅੱਖਾਂ
ਪਾਉਣੀਆਂ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀਆਂ..!!
ਖਾਇਆ ਨਾ ਕਰ ਕਸਮਾਂ
ਜੇ ਨਿਭਾਉਣੀਆਂ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀਆਂ..!!
मैंने मेरे मन में
एक भरोसा पाला
उसे कभी क़ैद नहीं किया
वह जब-जब उड़ा फिर लौट आया
चिड़िया जैसे नन्हे पंख उगे
धरती के गुरुत्व के विरुद्ध पहली उड़ान
पहला लक्षण था आज़ादी की चाहना का
भरोसे के भीतर एक और भरोसा जन्मा
और ये सिलसिला चलता रहा
अब इनकी संख्या इतनी है
कि निराश होने के लिए
मुझे अपने हर भरोसे के पंख मरोड़कर
उन्हें अपाहिज बनाना होगा!
करना होगा क़ैद
जो मैं कर नहीं पाऊँगी
हैरानी! मैं ऐसा सोच भी पाई
अपनी इस सोच पर बीती रात घंटों सोचा
ख़ुद पर लानतें फेंकीं
कोसा ख़ुद को
मन ग्लानि से भर उठा
आँखों के कोने भीगते गए
और फिर इकठ्ठा किया अपना सारा प्यार
उनके पंखों को सहलाया
हर एक भरोसे को पुचकारा
उनके सतरंगे पंखों को
आज़ादी के एहसास से भरते देखा
सुबह तक वे एक लंबी उड़ान पर निकल चुके थे
उनकी अनुपस्थिति में
मैं निराश!
पर जान पा रही थी कि शाम तक वे लौट आएँगे
यह वह भरोसा है
जिसके पंख अभी उगने बाक़ी हैं
जो अभी ही है जन्मा!