socha tha kee khuda ke siva mujhe koi barbaad kar nahi sakata,
phir unaki mohabbat ne mere saare vaham tod die……
सोचा था की ख़ुदा के सिवा मुझे कोई बर्बाद कर नही सकता,
फिर उनकी मोहब्बत ने मेरे सारे वहम तोड़ दिए…
socha tha kee khuda ke siva mujhe koi barbaad kar nahi sakata,
phir unaki mohabbat ne mere saare vaham tod die……
सोचा था की ख़ुदा के सिवा मुझे कोई बर्बाद कर नही सकता,
फिर उनकी मोहब्बत ने मेरे सारे वहम तोड़ दिए…
जितना तुमको चाहा था इतना किसी को न चाहेंगे,
पर अफसोस इस बात का है तुमको बता न पायेंगे…
मृगजळाच्या जगात या कृष्ण सारथी तु
निर्जण वाळवटांतला पाण्याचा थेंब तु
मावळता सूर्य हा चंद्र प्रकाश तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तु
भटकल्या जीवनाचा विसावा तु
माझ्या प्रत्येक प्रश्नाचे उत्तर तू
या सुदामाचा कृष्णा तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तू
या तळपत्या उन्हातील सावली तु
पडता गारवा जिवनाची ऊब तु
जगण्यास या जगात माझा श्वास तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तु….
शब्द ~ पवन पाटील…