Maan liya tha jise khuda se upar,
Na milne par uske shikayat ab khuda se kyu!
मान लिया था जिसे खुदा से भी ऊपर,
न मिलने पर उसके शिकायत अब खुदा से क्यों !
Maan liya tha jise khuda se upar,
Na milne par uske shikayat ab khuda se kyu!
मान लिया था जिसे खुदा से भी ऊपर,
न मिलने पर उसके शिकायत अब खुदा से क्यों !
Bheegi bheegi raat main tujhse milna acha lagta hai
Haathon main haath leke Milo dur saath chalna acha lagta hai
Tere saath pyaar ke haseen pal gujarna acha lagta hai
Kuch naa kehke bhi sab kuch kehna mujhe acha lagta hai
Ankho main ankhe bhar ke ek duje ko mehsoos karna acha lagta hai
Iss berang zindagi main khushiyon ke pal bharna dil ko sukoon de jaata hai
Saare gam ko bhula deta hai
Aankho se nami Mita deta hai
Aur Tera paas hona saari Kami Mita deta hai
हमें सफलता से प्रेम करने की आवश्यकता है। हम सब सफलता हासिल तो करना चाहते है लेकिन दूसरों की सफलताओं से ईर्ष्या भी करते हैं। यह तो वही बात हुई कि हम सफल होने के बारे में, कामयाबी के विषय में केवल सोचते हैं कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं। वास्तव में हम दूसरों की सफलताओं से प्रेरणा लेने की तुलना में जलन की भावना से ज्यादा पीड़ित रहते हैं। नियम है सफलता ही सफलता को आकर्षित करती है। इसके लिए हमें सफलता से प्रेम करने की जरूरत है। किसी को आगे बढ़ते देख खुश होना एक सफल और संतुष्ट व्यक्ति की पहचान होती है। एक सच्चा विजेता ही दूसरे विजेता को सम्मान दे सकता हैं। इंसान के रूप में हमें जीवन को सरल और सौहार्द्र के साथ व्यतीत करने की आवश्यकता है।
हमें स्वयं ही प्रयास करना होगा कोई और हमारी सहायता नहीं कर सकता। हमें खुद को विकसित करने की आवश्यकता है।