Maan liya tha jise khuda se upar,
Na milne par uske shikayat ab khuda se kyu!
मान लिया था जिसे खुदा से भी ऊपर,
न मिलने पर उसके शिकायत अब खुदा से क्यों !
Enjoy Every Movement of life!
Maan liya tha jise khuda se upar,
Na milne par uske shikayat ab khuda se kyu!
मान लिया था जिसे खुदा से भी ऊपर,
न मिलने पर उसके शिकायत अब खुदा से क्यों !
बुझी हुई समा भी जल सकती है
तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है
होके मायूस यू ना अपने इरादे बदल
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है
