usane mahaboob hee to badala hai phir taajjub kaisa,
dua kabool na ho to log khuda tak badal lete hai..
उसने महबूब ही तो बदला है फिर ताज्जुब कैसा,
दुआ कबूल ना हो तो लोग खुदा तक बदल लेते है..
usane mahaboob hee to badala hai phir taajjub kaisa,
dua kabool na ho to log khuda tak badal lete hai..
उसने महबूब ही तो बदला है फिर ताज्जुब कैसा,
दुआ कबूल ना हो तो लोग खुदा तक बदल लेते है..
Dil nu ji chahtan di thod lag gyi e
Nashile jehe naina di lod lag gyi e
Mannda nhi dil vasso Bahr hoyi janda e
Sajjna de pyar di tod lag gyi e🥰..!!
ਦਿਲ ਨੂੰ ਜੀ ਚਾਹਤਾਂ ਦੀ ਥੋੜ ਲੱਗ ਗਈ ਏ
ਨਸ਼ੀਲੇ ਜਿਹੇ ਨੈਣਾਂ ਦੀ ਲੋੜ ਲੱਗ ਗਈ ਏ
ਮੰਨਦਾ ਨਹੀਂ ਦਿਲ ਵੱਸੋਂ ਬਾਹਰ ਹੋਈ ਜਾਂਦਾ ਏ
ਸੱਜਣਾ ਦੇ ਪਿਆਰ ਦੀ ਤੋੜ ਲੱਗ ਗਈ ਏ🥰..!!
यह अधूरा इश्क कब पूरा होगा
होगा भी जा अधूरा रहेगा
ना तुम आए ना पैगाम आया
तुम्हरे पैगाम का कब तक
इंतजार रहेगा
कौन सी जगह है वोह
जहा पर वोह सो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम गलियों मै देख आए
ना गलियों मै वोह मिला
हम बात उसकी कर रहे
हमें छोड़ कर जो गया
नाजने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम पहचान बताते हैं उसकी
सफेद रंग और काले घने बाल है।
कहां रहते हैं वोह कोनसे गांव और शहर में
एकेले थे जा कोई नाल है।
काले रंग की पेंट और कमीज़ पहनते है।
एक हाथ मै डायरी और एक हाथ
मे कलम पकड़ कर रखते हैं।
उनकी चाहत सबसे ज्यादा डायरी से
और वोह डायरी को
सिने से जकड़ कर रखते है।
उनका नाम है हर्ष
जो शायरी करते थे
अब तो नाम उनका गुमनाम सा हो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया।