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Khuli kitaab zindagi || hindi 2 lines shayri

Khuli kitab he ye jindagi…
Sirf tera nam likha he isme…

Title: Khuli kitaab zindagi || hindi 2 lines shayri

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Kaash tainu v samajh aundi || punjabi

ਕਾਸ਼ ਤੈਨੂੰ ਵੀ ਸਮਝ ਆਉਂਦੀ,
 ਵੀ ਅਸੀਂ ਤੇਰੇ ਯਕੀਨ ਲਈ ਕਿੰਨਾ ਕੁਝ ਕਰਦੇ ਰਹੇ।।
 ਕਾਸ਼ ਤੈਨੂੰ ਇਲਮ ਹੁੰਦਾ,
ਤੇਰੀ ਖ਼ਾਤਰ ਮੰਦਰ ਮਸਜਿਦ ਮੱਥੇ ਟੇਕਦੇ ਰਹੇ।।
ਤੇਰੇ ਗੁਨੇਗਾਰ ਜ਼ਰੂਰ ਹਾਂ ਦਿਲਾ ,
ਕਿਉਂਕਿ ਤੇਰਾ ਦਿਲ ਜੋ ਦੁੱਖਾਉਂਦੇ ਰਹੇ।।
 ਮੁਸਲਸਲ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਹੰਝੂ ਲਕੋ ਕੇ ,
ਤੇਰੀ ਖੈਰ ਮੰਗਦੇ ਰਹੇ ।।
ਕੀ ਪਤਾ ਸੀ ਰਿਸ਼ਤਾ ਬਚਾਉਣ ਖਾਤਰ ,
ਅਸੀਂ ਉਸਨੂੰ ਖੋਖਲਾ ਕਰਦੇ ਗਏ।।
ਤੈਨੂੰ ਬੇਇੰਤਹਾ ਮੁਹੱਬਤ ਕਰ ਕੇ ਵੀ ਖੁਦ ਤੋਂ ਦੂਰ ਕਰ ਗਏ।।
ਤੈਨੂੰ ਬੇਇੰਤਹਾ ਮੁਹੱਬਤ ਕਰ ਕੇ ਵੀ ਖੁਦ ਤੋਂ ਦੂਰ ਕਰ ਗਏ।।

Title: Kaash tainu v samajh aundi || punjabi


Hindi poetry || desh poetry कविता – शहादत के बोल

माथे पे तिलक लगाकर कूद पड़े थे अंग़ारो पे,
माटी की लाज के लिए उनके शीश थे तलवारों पे।
भगत सिंह की दहाड़ के मतवाले वो निर्भर नहीं थे किन्ही हथियारों पे,
अरे जब देशहित की बात आए तो कभी शक ना करो सरदारों पे॥
आज़ादी की थी ऐसी लालसा की चट्टानों से भी टकरा गये,
चंद आज़ादी के रणबाँकुरो के आगे लाखों अंग्रेज मुँह की खा गये।
विद्रोह की हुंकार से गोरों पे मानो मौत के बादल छा गये,
अरे ये वही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव है जिनकी बदौलत हम आज़ादी पा गये॥
आज़ादी मिली पर इंक़लाब की आग में अपने सब सुख-दुःख वो भूल गये,
जननी से बड़ी माँ धरती जिसकी ख़ातिर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु झूल गये॥
अब राह तक रही उस माँ को कौन जाके समझाएगा,
कैसे बोलेगा उसको की माँ अब तेरा लाल कभी नहीं आएगा।
बस इतना कहूँगा कि धन्य हो जाएगा वो आँचल जो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सा बेटा पाएगा,
क्योंकि इस माटी का हर कण और बच्चा-बच्चा उसे अपने दिल में बसाएगा॥

Title: Hindi poetry || desh poetry कविता – शहादत के बोल