Khuli kitab he ye jindagi…
Sirf tera nam likha he isme…
Khuli kitab he ye jindagi…
Sirf tera nam likha he isme…
Sabke saamne dil ki baat nahi hoti,
Akele baat karne ke liye mulakaat nahi hoti,
Toh apni baat chitthi mein likh kar bhej dunga,
Ke zaroorat padne pe tumhare liye jaan bhi de dunga❤
सबके सामने दिल की बात नही होती
अकेले बात करने के लिए मुलाकात नहीं होती
तो अपनी बात चिट्ठी में लिख कर भेज दूंगा
कि ज़रूरत पड़ने पे तुमारे लिए जान भी दे दूंगा❤
जब दिल में दबी उस चाहत को, उसकी यादों ने झिंझोड़ा है.. तब-तब मेरे आंसू बह निकले, जो दर्द हुआ क्या थोड़ा है..? जिस सख्स की खातिर घर - समाज, हर चीज को हमने छोड़ा है.. कैसे बताऊ ऐ दुनिया वालों, उसी सख्स ने दिल मेरा तोड़ा है.. मैं भूल उसे नहीं सकता अब, दिल बीच में बन गया रोड़ा है.. गुनेहगार तो मेरा ही दिल है, इसने ही उसे मुझसे जोड़ा है..