Khuli kitab he ye jindagi…
Sirf tera nam likha he isme…
Enjoy Every Movement of life!
Khuli kitab he ye jindagi…
Sirf tera nam likha he isme…
Us Khuda ke siwa koi kisi ka nahi hota
Duniyaadari se rishta sab dikhawa
उस खुदा के सिवा कोई किसी का नहीं होता
दुनियादारी से रिश्ता सब दिखावा..!
जो भी दुख याद न था याद आया; आज क्या जानिए क्या याद आया; याद आया था बिछड़ना तेरा; फिर नहीं याद कि क्या याद आया; हाथ उठाए था कि दिल बैठ गया; जाने क्या वक़्त-ए-दुआ याद आया; जिस तरह धुंध में लिपटे हुए फूल; इक इक नक़्श तेरा याद आया; ये मोहब्बत भी है क्या रोग जिसको भूले वो सदा याद आया।