Ohde deedar ton vanjhe hon ton Dari naal
Ki fark peya ohnu teri akh bhari naal..!!
ਓਹਦੇ ਦੀਦਾਰ ਤੋਂ ਵਾਂਝੇ ਹੋਣ ਤੋਂ ਡਰੀ ਨਾਲ
ਕੀ ਫ਼ਰਕ ਪਿਆ ਓਹਨੂੰ ਤੇਰੀ ਅੱਖ ਭਰੀ ਨਾਲ..!!
Ohde deedar ton vanjhe hon ton Dari naal
Ki fark peya ohnu teri akh bhari naal..!!
ਓਹਦੇ ਦੀਦਾਰ ਤੋਂ ਵਾਂਝੇ ਹੋਣ ਤੋਂ ਡਰੀ ਨਾਲ
ਕੀ ਫ਼ਰਕ ਪਿਆ ਓਹਨੂੰ ਤੇਰੀ ਅੱਖ ਭਰੀ ਨਾਲ..!!
स्त्री हूं मैं मेरा कहां सम्मान होता है
मेरे कपड़ों से मेरा चरित्र भाप लिया जाता है।
अगर जींस या वेस्टर्न ड्रेस पहन लूं मैं
तो मैं बिगड़ी हुई मान ली जाती हूं।
अगर मैं साड़ी भी पहनूं तो भी
उसमे भी खोट नजर आती है।
मेरी साड़ी में भी कमिया ही नजर आती है।
यहां तो एक औरत भी औरत का सम्मान नही करती
एक औरत को दूसरी औरत में भी खोट नजर आती है।
मेरे कपड़ों में कोई कमी नहीं कमी तुम्हारी नज़र में है
मैं कुछ भी पहन लूं तुम्हे कमी नजर आनी ही है।
Khud ko itna bhi matt bachaya kar
Barishein ho to bheeg jaya kar
Chand lakar koi nahi dega
Apne chehre se jagmagaya kar
Dard heera hai dard moti hai
Dard ankhon se mat bahaya kar
Kaam le kuch haseen hontho se
Baaton baaton mein muskuraya kar
Kaun kehta hai dil milane ko
Kam se kam hath to milaya kar..😊
खुद को इतना भी मत बचाया कर,
बारिशें हो तो भीग जाया कर।
चाँद लाकर कोई नहीं देगा,
अपने चेहरे से जगमगाया कर।
दर्द हीरा है, दर्द मोती है,
दर्द आँखों से मत बहाया कर।
काम ले कुछ हसीन होंठो से,
बातों-बातों में मुस्कुराया कर
कौन कहता है दिल मिलाने को,
कम-से-कम हाथ तो मिलाया कर।😊