
Dukh dard taan mere mukadraan vich
me shikwa karke ki karda
tu pyaar di kashti dobh chali
me tar ke krda taan ki karda

Dukh dard taan mere mukadraan vich
me shikwa karke ki karda
tu pyaar di kashti dobh chali
me tar ke krda taan ki karda
Supne c aaye pole pabba naal je
galla rooh naal karan de ishaare dekhe me
akhaa chamakdiyaa noor badha chechre ute
bhai roope waleyaa sajjna de mukh de nazare dekhe me
ਸੁਪਨੇ ਚ ਆਏ ਪੋਲੇ ਪੱਬਾਂ ਨਾਲ ਜੇ
ਗੱਲਾਂ ਰੂਹ ਨਾਲ ਕਰਨ ਦੇ ਇਸ਼ਾਰੇ ਦੇਖੇ ਮੈਂ
ਅੱਖਾਂ ਚਮਕਦੀਆਂ ਨੂਰ ਬੜਾ ਚਿਹਰੇ ਉੱਤੇ
ਭਾਈ ਰੂਪੇ ਵਾਲਿਆ ਸੱਜਣਾ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦੇ ਨਜ਼ਾਰੇ ਦੇਖੇ ਮੈਂ
है इश्क़ तो फिर असर भी होगा
जितना है इधर उधर भी होगा
माना ये के दिल है उस का पत्थर
पत्थर में निहाँ शरर भी होगा
हँसने दे उसे लहद पे मेरी
इक दिन वही नौहा-गर भी होगा
नाला मेरा गर कोई शजर है
इक रोज़ ये बार-वर भी होगा
नादाँ न समझ जहान को घर
इस घर से कभी सफ़र भी होगा
मिट्टी का ही घर न होगा बर्बाद
मिट्टी तेरे तन का घर भी होगा
ज़ुल्फ़ों से जो उस की छाएगी रात
चेहरे से अयाँ क़मर भी होगा
गाली से न डर जो दें वो बोसा
है नफ़ा जहाँ ज़रर भी होगा
रखता है जो पाँव रख समझ कर
इस राह में नज़्र सर भी होगा
उस बज़्म की आरज़ू है बे-कार
हम सूँ का वहाँ गुज़र भी होगा
‘शहबाज़’ में ऐब ही नहीं कुल
एक आध कोई हुनर भी होगा