Ki kehna lokka nu je apne chadh Jann ..
sarri life oss da kita Honn sannu sajjan bewefa Kehn …
Enjoy Every Movement of life!
Ki kehna lokka nu je apne chadh Jann ..
sarri life oss da kita Honn sannu sajjan bewefa Kehn …
क्या वक्त ये मेरे दरमियां है,
किसी ने बताया नहीं मुझमें क्या कमियां है,
शाम की खुशियों में गम का अंधेरा क्यूं लाएं,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...
कैद कर लिया है खुद को इन बेड़ियों में,
क्या फर्क है अब मुझमें और कैदियों में,
इन अंजान गलियों में आज थोड़ा फिसला जाए,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...
