Ki likha teriyaa siftaa
ki likha tere ehsaan
asi tainu bhul ni sakde sajjna
bhawe rabb kadh lawe saadhi jaan
ਕੀ ਲਿਖਾ ਤੇਰੀਆਂ ਸਿਫਤਾਂ
ਕੀ ਲਿਖਾ ਤੇਰੇ ਅਹਿਸਾਨ
ਅਸੀ ਤੈਨੂੰ ਭੁੱਲ ਨੀ ਸਕਦੇ ਸੱਜਣਾ
ਭਾਵੇ ਰੱਬ ਕੱਢ ਲਵੇ ਸਾਡੀ ਜਾਨ
Ki likha teriyaa siftaa
ki likha tere ehsaan
asi tainu bhul ni sakde sajjna
bhawe rabb kadh lawe saadhi jaan
ਕੀ ਲਿਖਾ ਤੇਰੀਆਂ ਸਿਫਤਾਂ
ਕੀ ਲਿਖਾ ਤੇਰੇ ਅਹਿਸਾਨ
ਅਸੀ ਤੈਨੂੰ ਭੁੱਲ ਨੀ ਸਕਦੇ ਸੱਜਣਾ
ਭਾਵੇ ਰੱਬ ਕੱਢ ਲਵੇ ਸਾਡੀ ਜਾਨ
कुछ हसीन रास्तों पर,
जब हाथ पकड़ कर हम निकले थे,
तुम करीब होकर भी गुज़र गए,
मानों तड़पकर दम निकले थे,
अब क्या जिंदगी से गुज़ारिश करूं,
यादों में उसकी मय थोड़ी बाक़ी है,
कोई जहां शायद ऐसा भी होगा,
जहां वो वक्त अब भी बाक़ी है...
चल कर देखेंगे वहां एक रोज़ हम भी,
वो वही जिंदगी है, या साक़ी है,
देख ले साक़ी ज़रा फिर से मयखाने में,
सब ख़त्म हो गई या शराब थोड़ी बाक़ी है...
तू क्यूं उसे इस क़दर तांक रहा है,
हां वही फकीर, जो वहां नाच रहा है…
मुस्कुरा रहा है तू उसकी फटी कमीज़ देखकर,
देख, वो भी हंस रहा है तेरी तमीज़ देखकर…
सोच मत, के उसकी किस्मत तुझसे हारी है,
उसकी खाली जेब तेरे पैसों से ज्यादा भारी है…
वो तो हर घर दुआएं बांटता है,
जैसे हर दर खुदाए बांटता है…
मखमल का बिछौना तुझे रास नहीं आता,
देख, वो घास में सोने से बाज़ नहीं आता…
छुपाता है तू असलियत झूठी मुस्कान के पीछे,
कितना सुकून है उसकी हर मुस्कान के पीछे…