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Kidaa bhulaanda ohnu || Punjabi love shayari

Kidaa bhulaanda ohnu
rooh meri nahio mandi
haasa v kho ke le gya sajjna chehre mere ton
bharosa taa ehna kita si jinaa mainu khud nahi c mere ton

ਕਿਦਾਂ ਭੁਲਾਂਦਾ ਓਹਨੂੰ
ਰੂਹ ਮੇਰੀ ਨਹਿਓ ਮੰਨਦੀ
ਹਾਸਾ ਵੀ ਖੋ ਕੇ ਲੈ ਗਯਾ ਸਜਣਾਂ ਚੇਹਰੇ ਮੇਰੇ ਤੋਂ
ਭਰੋਸਾ ਤਾਂ ਇਹਨਾਂ ਕਿਤਾ ਸੀ ਜਿਨਾਂ ਮੈਨੂੰ ਖੂਦ ਨਹੀਂ ਸੀ ਮੇਰੇ ਤੋਂ

—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

Title: Kidaa bhulaanda ohnu || Punjabi love shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Phoolo ne kabhi || Shayari

फूलों ने कभी तोड़ने का दर्द कहा है,
कांटों ने ही हमेशा दुश्मनी निभाई है;
मोहब्बत भी फना का ही एक और नाम है,
यह रूसवा तो​ हुई है, पर इसने हमेशा वफादारी निभाई है।

ऐ चांद तेरे आने का सबब सबको मालूम नहीं,
कुछ लोग दिया जलाते हैं, और कुछ दिल जलाते हैं;
या वो अच्छी हैं या बुरी, हसरतें तो अपनी हैं,
मगर लोग अक्सर दाग तुझ पर लगाते हैं।

ऐ मेरे दोस्त तू समन्दर बन जा,
क्या खोया क्या पाया इसकी चाहत न कर;
तेरे अंदर ही एक मुकम्मल जहां है,
तू बाहर से किसी और की आस न कर।

मुमकिन है कि मंजिलें मुझसे दूर बहुत हैं,
पर रास्ते पर चलना मेरी फितरत बन गयी है;
उजाले समेटने में कोई वाहवाही नहीं,
अन्धेरों में रोशनी करना मेरी आदत बन गयी है।

ऐसे चलो कि चल के फिर गिरना न पड़े,
इतना उठो कि उठ के फिर झुकना न पड़े;
लेकिन गिरना, उठना तेरे बस में नहीं ऐ दोस्त,
इसलिए उसका हाथ पकड़ के चलो कि फिर रोना न पड़े।

मां के हाथों की बरकत का अंदाजा इस से हो गया,
थी एक वक्त की रोटी हर रोज,
और तीस वर्ष तक गुजारा हो गया;
आज रोटी तो है हर वक्त की, लेकिन वो वक्त कहीं पर खो गया।

ऐ जिंदगी, ये तेरे सवाल की तारीफ नहीं,
यह मेरे जवाब का हुनर कि जिंदगी की उलझने सुलझती चली गयीं;
मैं तो बस अपने दिल की कह रहा था,
और कहानियां बनती चली गयीं।

न थी जिंदगी से शिकायत,
न वक्त से कुछ गिला था;
जो मुझको नहीं मिला,
वो खुद मेरा ही सिला था;
मदद-ओ-मशवरे कम नहीं थे मददगारों के,
पर अफसोस जो तकदीर ने दिया था वह दर्द ही मुझे मिला था।

ऐ वतन कर्ज तो तेरा मैं जब उतारूं, जब मेरे पास कुछ अपना भी हो; तेरी मिट्टी, तेरा पानी, तेरी हवा, तेरी धूप, तेरी छांव, तेरी रोटी और नाम तेरा, फिर भी बस एक कतरा ही बन पाउं तेरा, तो मैं समझूं और तुझको मैं अपना पुकारूं।

जिंदगी जीने का अंदाज तो आया मगर अफसोस,
वो मुकम्मल एहसास नहीं आया;
वो हुनर तो आया मगर,
ऐ बदनसीबी वो मुकाम कभी नहीं आया।

यूं गलतफहमियां पाला न करो,कभी आईने में खुद को निहारा भी करो; ये जो चेहरा है वो सब कुछ बयां कर देता है; कभी इसको जुबां पर उतारा भी करो।

आशुतोष श्रीवास्तव

Title: Phoolo ne kabhi || Shayari


Dosti anmol hai || friends shayari

दोस्ती है अनमोल रत्न;

नहीं तोल सकता जिसे कोई धन,

सच्ची दोस्ती जिसके पास है;

उसके पास दौलत की भरमार है,

न ही जीत न ही कोई हार है,

दोस्त के दिल में तो बस प्यार ही प्यार है।।

भटके जब भी दोस्त संसार के मोहजाल में,

खींच लाता है सच्चा दोस्त उसे अच्छाई के प्रकाश में,

छोड़ देता है जग सारा जब मुश्किल भरी राह में,

सच्चा दोस्त साथ देता है तब जिंदगी की राह में।।

बने चाहे दुश्मन क्यों न जमाना सारा,

सच्चा दोस्त साथ देता है सदा हमारा,

दोस्त के लिए कुर्बान होता है जीवन सारा,

हर मुश्किल में बनता है वो सहारा।।

सच्ची दोस्ती को वक्त परखता हर बार है,

वक्त की हर परीक्षा से हसते हुए पास करना ही दोस्ती की पहचान है,

दुनिया की किसी शौहरत की न जिसे दरकार है,

सच्चा दोस्त रखने वाला संसार में सबसे धनवान है।।

                    तरुण चौधरी 

Title: Dosti anmol hai || friends shayari