kinaare par tairane vaalee laash ko dekhakar ye samajh aaya,
bojh shareer ka nahee saanson ka tha…
किनारे पर तैरने वाली लाश को देखकर ये समझ आया,
बोझ शरीर का नही साँसों का था…
Enjoy Every Movement of life!
kinaare par tairane vaalee laash ko dekhakar ye samajh aaya,
bojh shareer ka nahee saanson ka tha…
किनारे पर तैरने वाली लाश को देखकर ये समझ आया,
बोझ शरीर का नही साँसों का था…
किस अदा में उसकी जादू है, ये कहना थोड़ा मुश्किल है..
उन आँखों ने जो दर्द दिया, वो सहना थोड़ा मुश्किल है..
झूठे प्यार की लहरों में उसकी, मेरा बहना थोड़ा मुश्किल है..
उसके दिल में ना जाने कित-नों की जगह है, मेरा रहना थोड़ा मुश्किल है..
