kinaare par tairane vaalee laash ko dekhakar ye samajh aaya,
bojh shareer ka nahee saanson ka tha…
किनारे पर तैरने वाली लाश को देखकर ये समझ आया,
बोझ शरीर का नही साँसों का था…
kinaare par tairane vaalee laash ko dekhakar ye samajh aaya,
bojh shareer ka nahee saanson ka tha…
किनारे पर तैरने वाली लाश को देखकर ये समझ आया,
बोझ शरीर का नही साँसों का था…
Ena kujh paayea ni zindagi ch, jinaa kho lyaa e me
ena taa kade hasse ni zindagi ch, jinna ro lyaa e me
ena taa kade paani ni si peeta, jinaa akho cho lyaa e me
ene kadi raaj ni si chhipaye zindagi ch, jinna dard dil ch lko lya me
ਏਨਾ ਕੁਝ ਪਾਇਆ ਨੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਚ,ਜਿੰਨਾ ਖੋ ਲਿਆ ਏ ਮੈਂ😊..
ਏਨਾ ਤਾਂ ਕਦੇ ਹੱਸੇ ਨੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਚ,ਜਿੰਨਾ ਰੋ ਲਿਆ ਏ ਮੈਂ..
ਏਨਾ ਤਾਂ ਕਦੇ ਪਾਣੀ ਨੀ ਸੀ ਪੀਤ,ਜਿੰਨਾ ਅੱਖੋ ਚੋ ਲਿਆ ਏ ਮੈਂ,
ਏਨੇ ਕਦੀ ਰਾਜ਼ ਨੀ ਸੀ ਛਿਪਾਏ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਚ,ਜਿੰਨਾ ਦਰਦ ਦਿਲ ਚ ਲਕੋ ਲਿਆ ਮੈ..
सौ ख्वाबों को मिला के एक ख्वाब देख रखा है ,
ज़िंदगी ने जाने फिर भी क्या हिसाब रखा है ,
तू मशरुफ़ है तेरी अहमत में,
और मैंने तेरे इंतज़ार को संभाल रखा है ।
माना दर्द की सौगात लाता है इश्क़ जाना ,
फिर भी मैंने अपनी मुलाकातों का गुलाब रखा है ,
तेरे साथ ही तो चल रहा है वजूद मेरा ,
तेरी यादों का मैंने एक तकियाँ भिगो रखा है ।
तेरा यू इंतज़ार करवाना ,मेरे दिल को खा जाता है ,
फिर भी तुझसे मिलने का अरमान सजा रखा है ,
कभी आओ खुल के सामने जो मेरे तुम तो दिखाऊ ,
टूटे दिल मे भी तेरे लिए एक महल सजा रखा है ।
………….अजय कुमार ।