
Tera menu pyar naal samjha ke kuj kehna
Te mera adab naal teri har gall mann lena..!!

Kya hua jo abb tu mere saath nahi hai,
Ab pehle jaisa din aur raat nahi hai
is baat ka malaal nahi hai mujhe, malaal to yeh hai
ki abb jeene me woh bachpan wali baat nahi hai
क्या हुआ जो अब तु मेरे साथ नहीं है,
अब पहले जैसा दिन और रात नहीं है,
इस बात का मलाल नहीं है मुझे, मलाल तो ये है,
की अब जीने में वो बचपन वाली बात नहीं है।
– विक्रम
उनके चेहरे की हंसी पर नजर मेरी तब पड़ी, जब शहर में मेरा आना हुआ..
अब उनके चेहरे पर ही रहती है ये हर घड़ी, और उनका मुझे देख शर्माना हुआ..
मेरी नज़रों पे उनकी नज़रों ने लगाई ऐसी हथ-कडी, ना फिर मेरा कभी घर जाना हुआ..
अब नज़रों से सिर्फ वही देखते हैं, जो वो दिखाती है, ना जाने भरा ये हमने, कैसा हर-ज़ाना हुआ..