Enjoy Every Movement of life!
मैं ख्वाबों से निकल कर हकीकत में आऊं,
तुम हाथ अगर बढ़ाओ तो मैं दिल से बात बढ़ाऊं,
अगर मगर काश में कब तक रहेंगे,
बात जो दिल में न जाने कब से अल्फाजों में उसे समझाउ,
माना बहुत अलग है किरदार हम दोनों के,
तुम अगर बोलो तो अलग अलग किरदार से खूबसूरत साहित्य अपना लिख जाउ❤️
Yun fasle na badha marz aur ilaz ke bich
Mai kahi mar na jau kal aur aaj ke bich🍁
यूँ फ़ासले न बढ़ा मर्ज और इलाज के बीच
मैं कहीं मर न जाऊं कल और आज के बीच🍁
