क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Enjoy Every Movement of life!
क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Eh hassde vassde chehre nu
Kyu evein gama vich payiye ji..!!
Jo zind pehla hi rabb de lekhe
Ohnu jagg de lekhe kyu layiye ji..!!
ਇਹ ਹੱਸਦੇ ਵੱਸਦੇ ਚਿਹਰਿਆਂ ਨੂੰ
ਕਿਉਂ ਐਵੇਂ ਗਮਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਈਏ ਜੀ..!!
ਜੋ ਜ਼ਿੰਦ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਰੱਬ ਦੇ ਲੇਖੇ
ਉਹਨੂੰ ਜੱਗ ਦੇ ਲੇਖੇ ਕਿਉਂ ਲਾਈਏ ਜੀ..!!