क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Enjoy Every Movement of life!
क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Likhan waaleyaa ho ke dyaal likh de
ik likhi na maa baap da vichhodha
Hor Bhawe dukh hazaar likh de
ਲਿਖਣ ਵਾਲਿਆ ਹੋ ਕੇ ਦਿਆਲ ਲਿਖ ਦੇ
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਚ ਮੇਰੇ ਮਾਾਂ ਬਾਪ ਦਾ ਪਿਆਰ ਲਿਖ ਦੇ
ਇੱਕ ਲਿਖੀ ਨਾ ਮਾਂ ਬਾਪ ਦਾ ਵਿਛੋੜਾ
ਹੋਰ ਭਾਵੇ ਦੁੱਖ ਹਜ਼ਾਰ ਲਿਖ ਦੇ
