क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Jab tak tujhe na dekho mai tab tak lagta hai jaise
subha ki chai mili na ho
jab tak tujhse baat na ho tab tak lagta hai
chai ki chuski li na ho😋
जब तक तुझे न देखू मैं तब तक लगता है जैसे
सुबह की चाय मिली न हो
जब तक तुझसे बात न हो तब तक लगता है
चाय की चुस्की ली न हो😋
Hnji..hun khush o saade bgair😄,
Hun tohunu ni pta asi kehre shehr☺️
Hun ni mud di kdi tuhadi raah,🙂
Shurkiya tuhada karn layi saadi parwaah.😃