क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Enjoy Every Movement of life!
क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Darwaze par baithi rehti hu yooh hi waqt be waqt
tum aao na aao umeed bani rehti hai
दरवाजे पर बैठी रहती हूं यूं ही वक्त बे वक्त
तुम आओ ना आओ उम्मीद बनी रहती हैं।

Zindagi da chadeyaa suraj
ik din dhal jaana
varde hanjuaan ne v sukna
yaadan ohdiyaan ne v
siveaan ch jal jaana