क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
ਸਬ ਹਾਸੇ ਭੁੱਲ ਗਿਆ ਸੀ
ਅਖਾਂ ਤੇ ਹਰ ਵੇਲ ਹੰਜੂ ਰਹਿੰਦੇ ਨੇ
ਏਹ ਪਿਆਰ ਦੇ ਨਾਂ ਤੇ ਅਸੀਂ ਲੁੱਟਦੇ ਰਹੇ
ਤੇ ਲੋਕ ਸਾਨੂੰ ਖੁਸ਼ਨਸੀਬ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷