क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Enjoy Every Movement of life!
क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
तुम्हे देखा तुम्हे चाहा तुम्ही को दिल भी दे डाला
अब अरमान है इतना कि तुम मेरे सामने आओ
कुछ तुम कहो कुछ हम कहे इकरार हो जाए
मिट जाए सारी दूरियां और प्यार हो जाए………..
Dosti nahi pehli aas ho tum rishto me nahi vishvaas ho tum
pyaar bhare din ki shuruaat ho tum
दोस्ती नहीं पहली आस हो तुम रिस्तो में नहीं विश्वास हो तुम
प्यार भरे दिन की शुरुआत हो तुम