क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
mujhase jab bhee milo to nazaren utha ke mila karo,
mujhe pasand hai apane aap ko teree aankhon mein dekhana…
मुझसे जब भी मिलो तो नज़रें उठा के मिला करो,
मुझे पसंद है अपने आप को तेरी आँखों में देखना… 🥰🥰
Khus rehan da ik te
sirf ik matr tareeka
umeed mapeyaan ton ja rabb ton rakho
na ke sab ton rakho
ਖੁਸ਼ ਰਹਿਣ ਦਾ ਇਕ ਤੇ
ਸਿਰਫ ਇਕ ਮਾਤਰ ਤਰੀਕਾ
ਉਮੀਦ ਮਾਪਿਆਂ ਤੋਂ ਜਾਂ ਰੱਬ ਤੋਂ ਰੱਖੋ
ਨਾ ਕੇ ਸਬ ਤੋਂ ਰੱਖੋ