क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Enjoy Every Movement of life!
क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
Ik reejh adhoori ae
tainu seene laun lai
tera naam tarsda ae
bullan te aun lai
ਇਕ ਰੀਜ਼ ਅਧੂਰੀ ਐ
ਤੈਨੂੰ ਸੀਨੇ ਲਾਉਣ ਲਈ
ਤੇਰਾ ਨਾਮ ਤਰਸਦਾ ਏ
ਬੁਲਾਂ ਤੇ ਆਉਣ ਲਈ