क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Enjoy Every Movement of life!
क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
जरुरी तो नहीं जीने के लिए सहारा हो,
जरुरी तो नहीं हम जिनके हैं वो हमारा हो,
कुछ कश्तियाँ डूब भी जाया करती हैं,
जरुरी तो नहीं हर कश्ती का किनारा हो।💯
Ik geet likeya te fir mita dita
bas injh hi rahi ohdi aadat
mainu diwana bna le zindagi chon mita dita
ਇਕ ਗੀਤ ਲਿਖਿਆ ਤੇ ਫਿਰ ਮਿਟਾ ਦਿੱਤਾ
ਬਸ ਇੰਝ ਹੀ ਰਹੀ ਉਹਦੀ ਆਦਤ
ਮੈਨੂੰ ਦਿਵਾਨਾ ਬਣਾ ਕੇ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਚੋਂ ਮਿਟਾ ਦਿੱਤਾ