क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Enjoy Every Movement of life!
क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Us nu chaheyaa tan bahut c
par oh miliyaa hi nahi
meriyaan lakhan koshishan de bawjood
faasla mitteya hi nahi
ਉਸ ਨੂੰ ਚਾਹਿਆ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਸੀ,
ਪਰ ਉਹ ਮਿਲਿਆ ਹੀ ਨਹੀ…
ਮੇਰੀਆਂ ਲੱਖ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ਾਂ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ,
ਫਾਸਲਾ ਮਿਟਿਆ ਹੀ ਨਹੀਂ !!!
