क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Enjoy Every Movement of life!
क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Ek khawahish thi ke zindagi tere sath guzaru ❤
Ek khawaish yeh bhi ki teri kabhi yaad bhi na aaye 💔
एक ख्वाहिश थी के ज़िंदगी तेरे साथ गुजारूं❤
एक ख्वाहिश ये भी की तेरी कभी याद भी न आए💔
