क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
आँखों से आंसू मत बहाया कर
बारिशें हों तो ख़ुद भीग जाया कर
चाँद है तु खुद का
ख़ुद के लिए जगमगाया कर
सिर्फ हाथ का काम नहीं है मिलना
कभी दिल भी मिलाया कर✨
Ankhon se aansu Matt bahaya kar
Barishein ho to khud bheeg jaya kar
Chaand hai tu khud ka
Khud ke liye jagmagaya kar
Sirf hath ka kaam nhi hai milna
Kabhi dil bhi milaya kar✨
Jehra chhad k hi tur gya
ohde baare sochna hi ki
navjot chal ohdi marzi si yaar
hun ohnu rokna hi ki
ਜਿਹੜਾ ਛੱਡ ਕੇ ਹੀ ਤੁਰ ਗਿਆ
ਓਹਦੇ ਬਾਰੇ ਸੋਚਣਾ ਹੀ ਕੀ
Navjot ਚਲ ਉਹਦੀ ਮਰਜ਼ੀ ਸੀ ਯਰ
ਹੁਣ ਉਹਨੂੰ ਰੋਕਣਾ ਹੀ ਕੀ ✅