क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
Enjoy Every Movement of life!
क्यों किसा मोहब्बत का यह खोला जाये
किताबें इश्क की यह बंद ही अच्छी लगती हैं
अब याद करके उन्हें आंसू क्यों ग्वाय हम
हमें यह जुदाई हीं अब अच्छी लगती हैं
—गुरू गाबा 🌷
500rs मांगो तो 400rs देती है,
1 रोटी बोलो तो 2 रोटी देती है,
इधर आप बिल्कुल नहीं मारूंगी कहकर कुछ देती है बताओ वह कौन है?
gumnaam rehan de
jahar na kari
kujh pal thehar sajjna
ishqe de ijhaar na kari
ਗੁੰਮਨਾਮ ਰਹਿਣ ਦੇ
ਜ਼ਾਹਰ ਨਾ ਕਰੀਂ
ਕੁਝ ਪਲ ਠਹਿਰ ਸੱਜਣਾਂ
ਇਸ਼ਕੇ ਦਾ ਇਜ਼ਹਾਰ ਨਾ ਕਰੀ