
chootha pyar karna sanu aunda ni
haale vi chaune aa kina sajjna nu
eh vi kise agge kade jataunda ni

अगर किसी इंसान को अच्छे से समझना चाहते हो तो उसे बोलने दो क्योंकि हर इंसान की सच्चाई उसकी जुबान के पीछे छिपी हुई है।
मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है… मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं
बात करने का मजा उन लोगो के साथ आता है, जिनके साथ कुछ बोलने से पहले कुछ सोचना ना पड़े।
जिस तरह लौहे का जंग लोहे को नष्ट कर देता हैं, उसी तरह इंसान की गलत सोच, इंसान को अपंग बना देती हैं।
ज़िन्दगी सीधे साधे चलना ठीक नही
उबड़ खाबड़ पड़ाव भी जरूरी है,
तैरते तैरते बाजू थक जाएंगे
एक पल के लिए नाव भी जरूरी है,
बदलाव भी जरूरी
ये घाव भी जरूरी है,
इतनी धूप अच्छी नेही
थोड़ी छांव भी जरूरी है..!
हद-ए-शहर से निकली तो,
गांव-गांव चली..
कुछ यादें मेरे संग,
पांव-पांव चली..!
सफर जो धूप का किया तो,
तजुर्बा हुआ..
वो ज़िन्दगी ही क्या जो,
छांव-छांव चली..!!