
aapne parivar nu nahio chlayida
jhoothiyaan khushiyan den naalo
bacheyan nu jeevan jeena sikhayida

1.Mushkil se pahuche the hum iss mukaam pe,
par ab to nafrat si ho gyi mahobat ke naam se.
2. kisi ka bhi meri taraf koi hamara nhi,
ek tere bina jindgi mein koi hamara nhi.
3. kese rok paye khud ko iss ilzaam ke baad,
mujhe bhi to neend aayi nhi har raat iss ahsaas ke baad.
ये साफ सफाई की बात नहीं, कोरोना ने लिखी खत।
इधर उधर थुकना मत।
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गंगा की गोद में चलती है नाव, मृत शरीर भी।
समय का गोद में खिलती है सभ्यता और जंगली जानवर का अँधा बिस्वास भी।
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बचपन मासूम कली।
फल बनना और बड़ा होना- काला दाग में अशुद्ध कलि।
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कीचड़ में भी कमल खिलता है।
अच्छे घर में भी बिगड़ा हुआ बच्चा पैदा होते है।
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इंसान का अकाल नहीं, इंसानियत की अकाल है।
डॉक्टर (सेवा) के अकाल नहीं, वैक्सीन (व्यवस्था) का अकाल है।
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कुत्ते समझते है के कौन इंसान और कौन जानवर है।
बो इंसान को देख के पूंछ हिलाते है और जानवर को देख के भूँकते है।
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जीविका से प्यारा है जिंदगी।
अगर साँस बंद है तो कैसे समझेंगे रोटी की कमी।