din ch ik vaari teri deed ho jaani
kise mulakaat naalo ghat nahi hundi
ਦਿਨ ਚ ਇਕ ਵਾਰੀ ਤੇਰੀ ਦੀਦ ਹੋ ਜਾਣੀਂ,
ਕਿਸੇ ਮੁਲਾਕਾਤ ਨਾਲੋਂ ਘੱਟ ਨਹੀ ਹੁੰਦੀ..
din ch ik vaari teri deed ho jaani
kise mulakaat naalo ghat nahi hundi
ਦਿਨ ਚ ਇਕ ਵਾਰੀ ਤੇਰੀ ਦੀਦ ਹੋ ਜਾਣੀਂ,
ਕਿਸੇ ਮੁਲਾਕਾਤ ਨਾਲੋਂ ਘੱਟ ਨਹੀ ਹੁੰਦੀ..
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।
Kaash tu mainu milya na hunda
Kash tere to beimtehaan mohabaat na hui Hundi
Te aaj Teri yaadan ch alfaz likhde likhde
Aakan cho hanju na digde