न जाने कौन सी लड़ाई चल रही है किस्मत की मेरे साथ
की उसे मेरे साथ किसी का साथ रास नहीं आता
मे कितना भी साथ निभा लू किसी का पर मेरे कोई साथ नहीं आता ,
कैसे पाउ हल इस मसले का
मेरा मुकदमा लड़ने मेरा वकील भी तो नहीं आता ।
Enjoy Every Movement of life!
न जाने कौन सी लड़ाई चल रही है किस्मत की मेरे साथ
की उसे मेरे साथ किसी का साथ रास नहीं आता
मे कितना भी साथ निभा लू किसी का पर मेरे कोई साथ नहीं आता ,
कैसे पाउ हल इस मसले का
मेरा मुकदमा लड़ने मेरा वकील भी तो नहीं आता ।
तेरी आंखों में ये आज शरारत नई है
बदन में मेरे उठी ये हरारत नई है
क्या ये सब मेरे इश्क़ का असर है
या तेरे दिल में ये पल रही चाहत नई है
ये तेरे मस्कारे ये तेरा जुल्फे संवारना
लगता आज किसी पे क़यामत नई है
तेरे बेवफा इशारे खूब समझता हूं
लगता आज मेरे दिल पे शामत नई है
