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कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
अफ़्लाक से आता है नालों का जवाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
Enjoy Every Movement of life!
वो हक हक की बात करके हकीकत से काफी दूर हो गए । उन्हें क्या मालूम था कि जिस हक की वो बात कर रहे हैं उस हक पर उनके अलावा किसी का हक जताने का भी हक नही है। ❤️
Nind de vi apne hi nakhre ne
Je aa jawe taa sab kuj bhula dindi e
Te je na aawe taan bhulleya hoyea vi yaad karwa dindi e 🌸
ਨੀਂਦ ਦੇ ਵੀ ਆਪਣੇ ਹੀ ਨੱਖਰੇ ਨੇ
ਜੇ ਆ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਸਭ ਕੁਝ ਭੁਲਾ ਦਿੰਦੀ ਏ
ਤੇ ਜੇ ਨਾ ਆਵੇ ਤਾਂ ਭੁੱਲਿਆ ਹੋਇਆ ਵੀ ਯਾਦ ਕਰਵਾ ਦਿੰਦੀ ਏ🌸