किताब, फ़िल्म, सफ़र इश्क़, शायरी, औरत
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
अफ़्लाक से आता है नालों का जवाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
Kya karu…
Tumhe dil ❤ mein rakhu ya kisi shayari mein swar 😊 doon..
Kuch pal to aa baith mere sath👫 tujhe lafzo mein utaar doon…💕
क्या करूँ …
तुम्हें दिल❤️ में रखूं या किसी शायरी में संवार 😊दूं..
कुछ पल तो आ बैठ मेरे साथ👫 तुझे लफ़्ज़ों में उतार दूँ… 💕
