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कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
अफ़्लाक से आता है नालों का जवाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
Enjoy Every Movement of life!
Naa Jakham bhare, naa Sharab sahara huyi
Naa Tum loute, naa Mohabbat dobara huyi!💯💔
ना जख्म भरे, ना शराब सहारा हुई
ना तुम लौटे, ना मोहब्बत दोबारा हुई !💯💔
