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कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
अफ़्लाक से आता है नालों का जवाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
Enjoy Every Movement of life!
हम दीवानों की बस्ती में, दीवाना एक और भी आया है..
घबराया हुआ है थोड़ा सा, नाम भी अपना बताया है..
चेहरे की शिकन उसकी साफ जाहिर करती है..
के टूट जाते हैं दिल, जिस नगरी में, उसने भी वहाँ हुनर अजमाया है..💯
Sonh rabb di oh baahla jachda e
jadon chori chori mere val vekh hasda e
ਸੌਂਹ ਰੱਬ ਦੀ ਉਹ ਬਾਹਲਾ ਜੱਚਦਾ ਏ
ਜਦੋਂ ਚੋਰੀ-ਚੋਰੀ ਮੇਰੇ ਵੱਲ ਵੇਖ ਹੱਸਦਾ ਏ