किताब, फ़िल्म, सफ़र इश्क़, शायरी, औरत
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
अफ़्लाक से आता है नालों का जवाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
Enjoy Every Movement of life!

Dil kurlaunda c bthera ..hnju rukde nhi c mere
Jdon oh eh keh k shdd gye k asi kabil nhi ha tere
