किताब, फ़िल्म, सफ़र इश्क़, शायरी, औरत
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
अफ़्लाक से आता है नालों का जवाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
Enjoy Every Movement of life!

Kise supne de warga aa deep goriye
raata nu tera te dine labhna hi nahi
ਕਿਸੇ ਸੁਪਨੇ ਦੇ ਵਰਗਾ ਆ ਦੀਪ ਗੋਰੀਏ,
ਰਾਤਾ ਨੂੰ ਤੇਰਾ ਤੇ ਦਿਨੇ ਲੱਭਣਾ ਹੀ ਨਹੀਂ।