किताब, फ़िल्म, सफ़र इश्क़, शायरी, औरत
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
अफ़्लाक से आता है नालों का जवाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
Enjoy Every Movement of life!
Tumhare liye kitaab ka hissa hai mohobbat
Hamare liye imaan ka hissa hai mohobbat ❤️
तुम्हारे लिए किताब का कोई हिस्सा है मोहब्बत
हमारे लिए ईमान का हिस्सा है मोहब्बत❤️
