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कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
अफ़्लाक से आता है नालों का जवाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
Enjoy Every Movement of life!
tere to sikhiyaa si pyar karna
kise nu khon ton kinjh darna
ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਸਿੱਖਿਆ ਸੀ ਪਿਆਰ ਕਰਨਾ
ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਖੌਣ ਤੋਂ ਕਿੰਝ ਡਰਨਾ
Shaakh se toote patte sa ho gya hoon mein
Kisi ne smeta bhi to jalane k liye..!!
शाख से टूटे पत्तों सा हो गया हूँ मैं
किसी ने समेटा भी तो जलाने के लिए..!!