किताब, फ़िल्म, सफ़र इश्क़, शायरी, औरत
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढता हुआ
अफ़्लाक से आता है नालों का जवाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
करते हैं ख़िताब आख़िर उठते हैं हिजाब आख़िर
Enjoy Every Movement of life!
zara hauli chal tu e zindagi
kujh karjh chukaune baki ne
kujh dard mitaune baki ne
ਜ਼ਰਾ ਹੌਲੀ ਚੱਲ ਤੂੰ ਏ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
ਕੁਝ ਕਰਜ਼ ਚੁਕਾਉਣੇ ਬਾਕੀ ਨੇ
ਕੁਝ ਦਰਦ ਮਿਟਾਉਣੇ ਬਾਕੀ ਨੇ
