Kitna Badlun Khud Ko Tere Liye,
Kuch To Mere Andar Mera Rehne De!
Kitna Badlun Khud Ko Tere Liye,
Kuch To Mere Andar Mera Rehne De!
tumane kya socha ki tumhaare siva koee nahee mujhe chaahane vaala,
pagalee chhodd kar to dekh, maut taiyaar khadhi hai mujhe apne seene lagaane ke liye…
तुमने क्या सौचा कि तुम्हारे सिवा कोई नही मुझे चाहने वाला,
पगली छोङ कर तो देख, मौत तैयार खङी है मुझे अपने सीने लगाने के लीऐ…
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।