Kitna Badlun Khud Ko Tere Liye,
Kuch To Mere Andar Mera Rehne De!
Kitna Badlun Khud Ko Tere Liye,
Kuch To Mere Andar Mera Rehne De!
सुना है लोग तुझे आँखें भरकर देखते हैं , है मन में क्या उनके ये तो सवाल कर ।
माना लोगों की फितरत अब अच्छी नहीं , अपनी इज्जत का तू तो ज़रा ख्याल कर ।।
बादस्तूर चलती रही नाराजगी जिंदगी में , वक्त बेवक्त काफिर सा न मेरा हाल कर ।
मेरी आदतों में शूमार है तेरी मोहब्बत का सबब , खुदा का शुक्र मना बेवजह न मलाल कर ।।
बागी मिजाज़ रहा दिल का चाहतों के गुबार में , जिससे कभी मोहब्बत थी उससे अब नफरत भी बेमिसाल कर ।
क्या हुआ जो दुआ भी कुबूल न हुई , हासिल कर अपने दर्द को कुछ तो अब बवाल कर ।।
Kade baharaan Wang tusi khid jande
Kade nadiyan wangu vagde o..!!
Dasso dil vich Hun ki challan lagga
Kuj badle badle jehe lagde o..!!
ਕਦੇ ਬਹਾਰਾਂ ਵਾਂਗ ਤੁਸੀਂ ਖਿੜ ਜਾਂਦੇ
ਕਦੇ ਨਦੀਆਂ ਵਾਂਗੂ ਵਗਦੇ ਓ..!!
ਦੱਸੋ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਹੁਣ ਕੀ ਚੱਲਣ ਲੱਗਾ
ਕੁਝ ਬਦਲੇ ਬਦਲੇ ਜਿਹੇ ਲਗਦੇ ਓ..!!