तुम हमसे इश्क की बाते करते हो
तुम्हे कितना ही पता हैं ईश्क का
नशा जिस्म और बदसलूकी
तुम्हे इतना ही पता हैं ईश्क का
Enjoy Every Movement of life!
तुम हमसे इश्क की बाते करते हो
तुम्हे कितना ही पता हैं ईश्क का
नशा जिस्म और बदसलूकी
तुम्हे इतना ही पता हैं ईश्क का
इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है,
खामोशियो की आदत हो गयी है,
न शिकवा रहा न शिकायत किसी से,
अगर है तो एक मोहब्बत,
जो इन तन्हाइयों से हो गई है।❤️
“Try not to agree to what life gives you; improve life and construct something.”