Kive karan me khud nu
tere pyar de kabil
jad aadataan badalaan me
teriyaan shartaan bada jandiyaan ne
ਕਿਵੇਂ ਕਰਾਂ ਮੈਂ ਖੁਦ ਨੂੰ
ਤੇਰੇ ਪਿਆਰ ਦੇ ਕਾਬਿਲ
ਜਦ ਆਦਤਾਂ ਬਦਲਾਂ ਮੈਂ
ਤੇਰੀਆਂ ਸ਼ਰਤਾਂ ਬਦਲ ਜਾਂਦੀਆਂ ਨੇ
Kive karan me khud nu
tere pyar de kabil
jad aadataan badalaan me
teriyaan shartaan bada jandiyaan ne
ਕਿਵੇਂ ਕਰਾਂ ਮੈਂ ਖੁਦ ਨੂੰ
ਤੇਰੇ ਪਿਆਰ ਦੇ ਕਾਬਿਲ
ਜਦ ਆਦਤਾਂ ਬਦਲਾਂ ਮੈਂ
ਤੇਰੀਆਂ ਸ਼ਰਤਾਂ ਬਦਲ ਜਾਂਦੀਆਂ ਨੇ

जाते जाते एक उम्दा तालीम दे गया, वो मुसाफिर, खुदकी तलाश में घर से निकल गया, वो मुसाफिर, सोचा साथ जाऊं मैं भी, पर जाऊंगा कहां, जा चुका होगा मीलों दूर, उसे पाऊंगा कहां, इसी सोच में रात हुई, नींद का झोंका आ गया, सुबह आंखे खुली तो सोचा, क्या वो मौका आज आ गया ? के चला जाऊं सबसे इतना दूर के कुछ ना हो, गहरी नींद में बेड़ियां मिले पर सचमुच ना हो, सच हो तो बस आसमां में परिंदो सी उड़ान हो, चाहूंगा हर सितमगर का बड़ा सा मकान हो, वहां आवाज़ देकर झोली फैलाएगा वो मुसाफिर, तुम्हे देख भीगी पलकें उठाएगा वो मुसाफिर, मोहब्बत से एक रोटी खिलाकर देखना तुम, शोहरत से दामन भर जाएगा वो मुसाफिर...