ek me hu kiya na kabhi sawaal koi
ek tum ho, jiska koi jawaab nahi
एक मैं हूँ , किया ना कभी सवाल कोई
एक तुम हो , जिसका कोई जवाब नहीं.
ek me hu kiya na kabhi sawaal koi
ek tum ho, jiska koi jawaab nahi
एक मैं हूँ , किया ना कभी सवाल कोई
एक तुम हो , जिसका कोई जवाब नहीं.
तू क्यूं उसे इस क़दर तांक रहा है,
हां वही फकीर, जो वहां नाच रहा है…
मुस्कुरा रहा है तू उसकी फटी कमीज़ देखकर,
देख, वो भी हंस रहा है तेरी तमीज़ देखकर…
सोच मत, के उसकी किस्मत तुझसे हारी है,
उसकी खाली जेब तेरे पैसों से ज्यादा भारी है…
वो तो हर घर दुआएं बांटता है,
जैसे हर दर खुदाए बांटता है…
मखमल का बिछौना तुझे रास नहीं आता,
देख, वो घास में सोने से बाज़ नहीं आता…
छुपाता है तू असलियत झूठी मुस्कान के पीछे,
कितना सुकून है उसकी हर मुस्कान के पीछे…

Na me ohda ho sakeya te na kise gair da
ohne kade mainu apnayea nai,
te yaadan ohdiyaan ne kade gair na samjheya