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koee rooh ka talabagaar || True Shayari searching for love

koee rooh ka talabagaar mile to ham bhee mahobbat kar le,
yahaan dil to bahut milate hai, bas koee dil se nahin milata…

कोई रूह का तलबगार मिले तो हम भी महोब्बत कर ले,
यहाँ दिल तो बहुत मिलते है, बस कोई दिल से नहीं मिलता…

Title: koee rooh ka talabagaar || True Shayari searching for love

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Middle class childern

  • मै मिडिल क्लास फैमिली से हूं………….मैं घर में सबसे छोटा हूं सबकी छोटी हुए कपड़ो से लेकर किताबे भी बड़े भाई बहन की ही आती है मैं छोटा हूं ना सारी चीजे सेकंड हैंड की आदत है। हमारे घर में कमाने वाले सिर्फ थे तनख्वाह से पहले से उस तनख्वाह का हिसाब लग जाता है किसके हिस्से क्या आएगा ये भी पता होता है।

दिवाली पर पापा को बोनस मिलता था तनख्वाह थोड़ी ज्यादा आती थी सबको मालूम था दिवाली पर भी नए कपड़े लेने के लिए पैसे गिनकर मिलते थे कोई अगर बीमार हो जाए तो वो नए कपड़े भी कैंसल हो जाते थे। बचपन से ही एडजस्ट करने की आदत लग जाती है ये आदत अच्छी हो होती है पर कभी कभी बुरी भी होती है। धीरे धीरे बड़े हुए तो पता था मम्मी पापा को कुछ बनकर दिखाना है ये ख्वाब साथ लेकर चला पर बाहर निकले घर से तो ये पता चला कि जो मेरा ख्वाब है वही सबका भी ख्वाब था सबको अपनी जिंदगी में मेरी तरह ही कुछ करना था। जैसे तैसे एक नौकरी लगी वो भी मेरी पसंद की नही थी पर पापा का हाथ बंटाने के लिए भी तो कुछ करना था अपने दिल को समझकर वो नौकरी कर ली मुझे नौकरी लगी ये सुनकर मम्मी पापा दोनो खुश हो जाए पापा की आखों से तो आंसू ही आ गए आंखो से निकलते आंसू भी उस दिन मुझसे बात कर रहे थे मानो वो ये कह रहे थे की अब मेरे कंधो का थोड़ा बोझ कम हुआ मेरे साथ कोई कमाने वाला आ गया। उस दिन से मैंने वो नौकरी ज्वाइन कर ली और उसकी भी आदत सी पड़ गई।

Title: Middle class childern


Darda nu pee gya || punjabi dard shayari

ਔਸ ਰਾਹ ਤੇ ਚਲਿਆ ਸੀ ਗਾਬਾ ਤੇਰੇ ਲਈ
ਜਿਸ ਰਾਹ ਤੇ ਕੰਢੇ ਪਿਆਰ ਸੀ
ਦਰਦਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਪੀ ਗਿਆ ਸੀ ਗਾਬਾ
ਔਹ ਵੀ ਤੇਰੇ ਲਈ ਬੇਕਾਰ ਸੀ
ਅਖਾਂ ਤੇਰੀ ਤੇ ਪੱਟੀ ਕਾਹਦੀ
ਤੇਨੂੰ ਦਿਸਦਾ ਨੀ ਪਿਆਰ ਕਿਸੇ ਦਾ
ਤੇਨੂੰ ਏਣੀ ਕਦਰ ਮਿਲੇ
ਕਰਦਾਂ ਨੀ ਜਿਨੀ ਯਾਰ ਕਿਸੇ ਦਾ

—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

 

 

 

Title: Darda nu pee gya || punjabi dard shayari