Koi Ajeha sheesha v bna de rabba
jis vich
insaan da chehra na
usda kirdaar dise
ਕੋਈ ਅਜਿਹਾ ਸ਼ੀਸ਼ਾ ਵੀ ਬਣਾ ਦੇ ਰੱਬਾ
ਜਿਸ ਵਿੱਚ
ਇਨਸਾਨ ਦਾ ਚਹਿਰਾ ਨਾ
ਉਸਦਾ ਕਿਰਦਾਰ ਦਿਸੇ
Koi Ajeha sheesha v bna de rabba
jis vich
insaan da chehra na
usda kirdaar dise
ਕੋਈ ਅਜਿਹਾ ਸ਼ੀਸ਼ਾ ਵੀ ਬਣਾ ਦੇ ਰੱਬਾ
ਜਿਸ ਵਿੱਚ
ਇਨਸਾਨ ਦਾ ਚਹਿਰਾ ਨਾ
ਉਸਦਾ ਕਿਰਦਾਰ ਦਿਸੇ
हिम्मत भी है ताकत भी ओर हौसला भी
उनकी खुशी के लिए सब कुछ कर जाऊंगा
देखेगी दुनिया भी इस अंजान चेहरे को
जब बाहों में समेटकर में चांद लेकर आऊंगा
मेरी मां के चेहरे पर मुस्कुराहट होगी
और हाथो मेरे लिए में नूर होगा
हवाओं में भी खुशबू होगी और
पापा की नज़रों में गुरूर होगा
सुरूर होगा जब दुनिया अपनी सी लगेगी
जब दुनिया को मेरा भी शउर होगा
अपनी नज़रों में तालाब की आवाम भर लाऊंगा
हर शाम में लौट कर जब घर आऊंगा
हाथों में रोटी पकड़कर कहेगी, बेटा खा ले
मैं मुस्कुराकर दो निवाले उसे भी खिलाऊंगा
खैर, निकल पड़ा हूं अभी मंज़िल ढूंढने खुद ही
इंतेज़ार उस वक्त का है जब मै चांद समेट लाऊंगा...
Jagna v kabool teriyaan yaadan vich raat bhar
tere ehna ehsaasan ch jo sakoon, neenda vich o kithe
ਜਗਨਾ ਵੀ ਕਬੂਲ ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਵਿੱਚ
ਰਾਤ ਭਰ
ਤੇਰੇ ਅਹਿਸਾਸ ‘ਚ ਜੋ ਸਕੂਨ
ਉਹ ਨੀਂਦਾਂ ਵਿੱਚ ਕਿੱਥੇ