Har ik akh ne vekheya
hanju digda meri akh ton
par ehna hanjuaan nu
samjhan vali koi akh na dikhi
ਹਰ ਇਕ ਅੱਖ ਨੇ ਵੇਖਿਆ
ਹੰਝੂ ਡਿਗਦਾ ਮੇਰੀ ਅੱਖ ਤੋਂ
ਪਰ ਇਹਨਾ ਡਿਗਦੇ ਹੰਝੂਆਂ ਨੂੰ
ਸਮਝਣ ਵਾਲੀ ਕੋਈ ਅੱਖ ਨਾ ਦਿਖੀ
Har ik akh ne vekheya
hanju digda meri akh ton
par ehna hanjuaan nu
samjhan vali koi akh na dikhi
ਹਰ ਇਕ ਅੱਖ ਨੇ ਵੇਖਿਆ
ਹੰਝੂ ਡਿਗਦਾ ਮੇਰੀ ਅੱਖ ਤੋਂ
ਪਰ ਇਹਨਾ ਡਿਗਦੇ ਹੰਝੂਆਂ ਨੂੰ
ਸਮਝਣ ਵਾਲੀ ਕੋਈ ਅੱਖ ਨਾ ਦਿਖੀ
Dil chod kar aur kuch maanga karo humse,
Hum tooti hui cheez ka tohfa nahi dete hain💔
दिल छोड़ कर और कुछ माँगा करो हमसे,
हम टूटी हुई चीज़ का तोहफा नही देते है।💔
गजल (बे बहर)
जाने क्या हो गया है कैसी इम्तिहान की घड़ी है,
एक आशिक पे ये कैसी सजा आन पड़ी है!
आस भी क्या लगाएं अबकी होली पे हम उनसे,
दुनिया की ये खोखली रस्में तलवार लिए खड़ी है!
मैंने देखें हैं गेसुओं के हंसते रुखसार पे लाली
मगर हमारे चेहरे पे फिर आंसुओं की लड़ी है!
दर्द है, हिज्र है,और धुंधली सी तस्वीर का साया भी
तुम महलों में रहते हो तुमको हमारी क्यों पड़ी है !!
कैसे मुकर जाऊं मैं खुद से किए वादों से अभी,
अब मेरे हाथों में ज़िम्मेदारियों की हथकड़ी है!
तुमको को प्यार है दौलत ए जहां से अच्छा है,
मगर इस जहान में मेरे लिए मां सबसे बड़ी है !!