Skip to content

KOI AKH NA DIKHI || Very sad punjabi status

Har ik akh ne vekheya
hanju digda meri akh ton
par ehna hanjuaan nu
samjhan vali koi akh na dikhi

ਹਰ ਇਕ ਅੱਖ ਨੇ ਵੇਖਿਆ
ਹੰਝੂ ਡਿਗਦਾ ਮੇਰੀ ਅੱਖ ਤੋਂ
ਪਰ ਇਹਨਾ ਡਿਗਦੇ ਹੰਝੂਆਂ ਨੂੰ
ਸਮਝਣ ਵਾਲੀ ਕੋਈ ਅੱਖ ਨਾ ਦਿਖੀ

Title: KOI AKH NA DIKHI || Very sad punjabi status

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


ऊँट की गर्दन || akbar story

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: ऊँट की गर्दन || akbar story


Shagunn Tomar

Har pal baithe Teri yaado mein jhunjhte hum,

Shaame bitai thi zin galiyon mein tere sang…

  Aaj un galiyon mein tujhe dhundhte hum…

हर पल बैठे तेरी यादों में झूंझते हम,

शामे बिताई थी जिन गालियों में तेरे संग

 आज उन गलियों में तुझे ढूंढते हम..

Title: Shagunn Tomar