Mukaddar hamare bhi ba-kamaal hote
Koi humse hum jaisi mohobbat kar pata to..!!
मुकद्दर हमारे भी बा-कमाल होते
कोई हमसे हम जैसी मोहोब्बत कर पाता तो..!!
Mukaddar hamare bhi ba-kamaal hote
Koi humse hum jaisi mohobbat kar pata to..!!
मुकद्दर हमारे भी बा-कमाल होते
कोई हमसे हम जैसी मोहोब्बत कर पाता तो..!!
“Itni bandagi ke bad bhi, kuch khas he tera muze chahana,
Har waqt tuzase judne ka, dil dhundta he koi bahana”
कभी उसकी यादें ठहर जाती हैं आकर, कभी टकराकर चली जाती हैं..
कभी गमों में डूबाये रखती हैं मुझे, कभी हंसाकर चली जाती हैं..
आज भी वो मेरे आस-पास है, कभी ये अहसास दिलाकर चली जाती है..
कभी एक झलक उसकी पाने को तरसूं, दिल जला कर चली जाती है..
उसका सपनों में आना-जाना यूं है जैसे, झपकी आकर चली जाती है..
मैं सुकून भरी नींद के इंतजार में होता हूं, सबको आकर चली जाती है..