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Koi humse hum jaisi mohobbat || true line shayari || hindi shayari

Mukaddar hamare bhi ba-kamaal hote
Koi humse hum jaisi mohobbat kar pata to..!!

मुकद्दर हमारे भी बा-कमाल होते
कोई हमसे हम जैसी मोहोब्बत कर पाता तो..!!

Title: Koi humse hum jaisi mohobbat || true line shayari || hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry

पहली धड़कन भी मेरी धडकी थी तेरे भीतर ही,
जमी को तेरी छोड़ कर बता फिर मैं जाऊं कहां.

आंखें खुली जब पहली दफा तेरा चेहरा ही दिखा,
जिंदगी का हर लम्हा जीना तुझसे ही सीखा.

खामोशी मेरी जुबान को  सुर भी तूने ही दिया,
स्वेत पड़ी मेरी अभिलाषाओं को रंगों से तुमने  भर दिया.

अपना निवाला छोड़कर मेरी खातिर तुमने भंडार भरे,
मैं भले नाकामयाब रही फिर भी मेरे होने का तुमने अहंकार भरा.

वह रात  छिपकर जब तू अकेले में रोया करती थी,
दर्द होता था मुझे भी, सिसकियां मैंने भी सुनी थी.

ना समझ थी मैं इतनी खुद का भी मुझे इतना ध्यान नहीं था,
तू ही बस वो एक थी, जिसको मेरी भूख प्यार का पता था.

पहले जब मैं बेतहाशा धूल मैं खेला करती थी,
तेरी चूड़ियों तेरे पायल की आवाज से डर लगता था.

लगता था तू आएगी बहुत  डाटेंगी और कान पकड़कर मुझे ले जाएगी,
माँ आज भी मुझे किसी दिन धूल धूल सा लगता है.

चूड़ियों के बीच तेरी गुस्से भरी आवाज सुनने का मन करता है,
मन करता है तू आ जाए बहुत डांटे और कान पकड़कर मुझे ले जाए.

जाना चाहती हूं  उस बचपन में फिर से जहां तेरी गोद में सोया करती थी,
जब काम में हो कोई मेरे मन का तुम बात-बात पर रोया करती थी.

जब तेरे बिना लोरियों  कहानियों यह पलके सोया नहीं करती थी,
माथे पर बिना तेरे स्पर्श के ये आंखें जगा नहीं करती थी.

अब और नहीं घिसने देना चाहती तेरे ही मुलायम हाथों को,
चाहती हूं पूरा करना तेरे सपनों में देखी हर बातों को.

खुश होगी माँ एक दिन तू भी,
जब लोग मुझे तेरी बेटी कहेंगे.

Title: माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry


Mere sardaar || Punjabi poetry || touching lines ❤️

Rabb jeha noor te pailan paunda Johan
Suraj jeha rohb te kohinoor jeha avtaar..!!
Sura nu shed de haase mehkan rangeele jehe libas
Tikhi jehi nazar jiwe koi shikari auzar..!!
Tez chehre da nikhar te madhosh jehe bol
Sir mathe sajji pagg bane roop da shingar..!!
Kroran di duniyan nu maat paawe oh sakhsh
Pura jagg ikk paase te ikk paase mere sardaar..!!

ਰੱਬ ਜਿਹਾ ਨੂਰ ਤੇ ਪੈਲਾਂ ਪਾਉਂਦਾ ਜੋਬਨ
ਸੂਰਜ ਜਿਹਾ ਰੋਬ ਕੋਹਿਨੂਰ ਜਿਹਾ ਅਵਤਾਰ..!!
ਸੁਰਾਂ ਨੂੰ ਛੇੜਦੇ ਹਾਸੇ ਮਹਿਕਣ ਰੰਗੀਲੇ ਜਿਹੇ ਲਿਬਾਸ
ਤਿੱਖੀ ਜਿਹੀ ਨਜ਼ਰ ਜਿਵੇਂ ਕੋਈ ਸ਼ਿਕਾਰੀ ਔਜ਼ਾਰ..!!
ਤੇਜ਼ ਚਹਿਰੇ ਦਾ ਨਿਖ਼ਾਰ ਤੇ ਮਦਹੋਸ਼ ਜਿਹੇ ਬੋਲ
ਸਿਰ ਮੱਥੇ ਸੱਜੀ ਪੱਗ ਬਣੇ ਰੂਪ ਦਾ ਸ਼ਿੰਗਾਰ..!!
ਕਰੋੜਾਂ ਦੀ ਦੁਨੀਆਂ ਨੂੰ ਮਾਤ ਪਾਵੇ ਉਹ ਸਖਸ਼
ਪੂਰਾ ਜੱਗ ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਤੇ ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਮੇਰੇ ਸਰਦਾਰ..!!

Title: Mere sardaar || Punjabi poetry || touching lines ❤️