Kuch lafz na milenge
Is Nabaz ke tham jane Tak
Ke kya kaha jaye
Aur kis andaaz me❤️
कुछ लफ्ज़ न मिलेंगे
इस नब्ज़ के थम जाने तक
कि क्या कहा जाए
और किस अंदाज़ में❤️
Kuch lafz na milenge
Is Nabaz ke tham jane Tak
Ke kya kaha jaye
Aur kis andaaz me❤️
कुछ लफ्ज़ न मिलेंगे
इस नब्ज़ के थम जाने तक
कि क्या कहा जाए
और किस अंदाज़ में❤️
Jis vich tera zikar nhi
Sanu jachdi na oh baat yara…
Eh zind jaan tere naam kar ditti
Oh kehra din te kehri raat yara..❤️❤️
ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਤੇਰਾ ਜਿਕਰ ਨਹੀਂ
ਸਾਨੂੰ ਜੱਚਦੀ ਨਾ ਉਹ ਬਾਤ ਯਾਰਾ…
ਇਹਜਿੰਦ ਜਾਨ ਤੇਰੇ ਨਾਮ ਕਰ ਦਿੱਤੀ
ਉਹ ਕਿਹੜਾ ਦਿਨ ਤੇ ਕਿਹੜੀ ਰਾਤ ਯਾਰਾ..❤️♥️
“हंसी में छिपे खामोशियों को महसूस किया है I
मैखाने में बुजुर्गों को भी जवान होते देखा है I
हमने इन्शानो को जरुरत के बाद अनजान होते देखा है I
क्यों भूल जाते है इंसान अपनी अस्तित्व पैसा आते ही I
दुनियां ने बड़े – बड़े राज महराजा को फ़क़ीर होते देखा है I”