Kuch lafz na milenge
Is Nabaz ke tham jane Tak
Ke kya kaha jaye
Aur kis andaaz me❤️
कुछ लफ्ज़ न मिलेंगे
इस नब्ज़ के थम जाने तक
कि क्या कहा जाए
और किस अंदाज़ में❤️
Kuch lafz na milenge
Is Nabaz ke tham jane Tak
Ke kya kaha jaye
Aur kis andaaz me❤️
कुछ लफ्ज़ न मिलेंगे
इस नब्ज़ के थम जाने तक
कि क्या कहा जाए
और किस अंदाज़ में❤️
जाने कहाँ बैठकर देखती होगी, वो आज जहां भी रहती है..
नाराज़ है वो किसी बात को लेकर, सपनों में आकर कहती है..
मैं याद नहीं करता अब उसको, चुप-चाप देखकर सहती है..
वो चली गई भले दुनिया से, मेरे ज़हन में अब भी रहती है..
उसे चाहता हूँ पहले की तरह, ये तो वो आज भी कहती है..
किसी और संग मुझे देख-ले गर जो, वो आज भी लड़ती रहती है..
ना वो भूली ना मैं भुला, भले भूल गई दुनिया कहती है..
रहती थी पहले भी पास मेरे, मेरे साथ आज भी रहती है..
Jhuthi duniyan taan sufna e dil nu mein dass ke..!!
Ishq kitta rabba mereya mein tere naal hass ke..!!
ਝੂਠੀ ਦੁਨੀਆਂ ਤਾਂ ਸੁਫ਼ਨਾ ਏ ਦਿਲ ਨੂੰ ਮੈਂ ਦੱਸ ਕੇ..!!
ਇਸ਼ਕ ਕੀਤਾ ਰੱਬਾ ਮੇਰਿਆ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਹੱਸ ਕੇ..!!