Kuch lafz na milenge
Is Nabaz ke tham jane Tak
Ke kya kaha jaye
Aur kis andaaz me❤️
कुछ लफ्ज़ न मिलेंगे
इस नब्ज़ के थम जाने तक
कि क्या कहा जाए
और किस अंदाज़ में❤️
Enjoy Every Movement of life!
Kuch lafz na milenge
Is Nabaz ke tham jane Tak
Ke kya kaha jaye
Aur kis andaaz me❤️
कुछ लफ्ज़ न मिलेंगे
इस नब्ज़ के थम जाने तक
कि क्या कहा जाए
और किस अंदाज़ में❤️
जदो दी फड़ी ओहने
मेरी कलाई
मै अपना आप
गवा आयी हाँ
टूट गयी मेरी
कंच दी वंग
पर मैं फेर
भी हथ छुड़ा
आयी हाँ
भज दी दी
मेरी खुल गई
पज़ेब
मै निशानी बाज
ओनु फड़ा
आयी हाँ
जालिम किता
जादू ऐसा
मैं दिल अपना
ओहदे ते लुटा
आयी हा
मैं इश्के दी पींग
चढ़ा आयी हां
मैं इश्के दी पींग
चढ़ा आयी हाँ..हर्ष✍️
