Kuchh pal de waste chale gaye ho door,
assi ta har pal hai kinne majboor,
kaise yaad na kare thunu tanhaiyon me
Thuda aun nl hi aayega zindage de wich noor.
Kuchh pal de waste chale gaye ho door,
assi ta har pal hai kinne majboor,
kaise yaad na kare thunu tanhaiyon me
Thuda aun nl hi aayega zindage de wich noor.
जाते जाते एक उम्दा तालीम दे गया, वो मुसाफिर, खुदकी तलाश में घर से निकल गया, वो मुसाफिर, सोचा साथ जाऊं मैं भी, पर जाऊंगा कहां, जा चुका होगा मीलों दूर, उसे पाऊंगा कहां, इसी सोच में रात हुई, नींद का झोंका आ गया, सुबह आंखे खुली तो सोचा, क्या वो मौका आज आ गया ? के चला जाऊं सबसे इतना दूर के कुछ ना हो, गहरी नींद में बेड़ियां मिले पर सचमुच ना हो, सच हो तो बस आसमां में परिंदो सी उड़ान हो, चाहूंगा हर सितमगर का बड़ा सा मकान हो, वहां आवाज़ देकर झोली फैलाएगा वो मुसाफिर, तुम्हे देख भीगी पलकें उठाएगा वो मुसाफिर, मोहब्बत से एक रोटी खिलाकर देखना तुम, शोहरत से दामन भर जाएगा वो मुसाफिर...
अच्छा तो तुम मुझे ये बताओ
मेने तुम्हारी ऐसी क्या बिगड़ी थी
जो तुम मुझे इतनी बड़ी सजा दी ।
दिल की बाते अगर जुबान पर आगे
तो बहत बुरी होगी
तुमने मेरे साथ जो कुछ भी किया
वो में किसी और के साथ होने भी नही दूंगी ।
इस लिए वक्त रहे ते ही सुधार जाओ
बरना में मेरे पे आ गई
तो सब कुछ बिगड़ जायेगी ।
इस लिए अब से खुद को सुधरो
बरना किसे पता कल क्या हो
जाएगी ।