zara hauli chal tu e zindagi
kujh karjh chukaune baki ne
kujh dard mitaune baki ne
ਜ਼ਰਾ ਹੌਲੀ ਚੱਲ ਤੂੰ ਏ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
ਕੁਝ ਕਰਜ਼ ਚੁਕਾਉਣੇ ਬਾਕੀ ਨੇ
ਕੁਝ ਦਰਦ ਮਿਟਾਉਣੇ ਬਾਕੀ ਨੇ
zara hauli chal tu e zindagi
kujh karjh chukaune baki ne
kujh dard mitaune baki ne
ਜ਼ਰਾ ਹੌਲੀ ਚੱਲ ਤੂੰ ਏ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
ਕੁਝ ਕਰਜ਼ ਚੁਕਾਉਣੇ ਬਾਕੀ ਨੇ
ਕੁਝ ਦਰਦ ਮਿਟਾਉਣੇ ਬਾਕੀ ਨੇ
नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...
Kitaab Deya Paneya Nu Je Pdhna Hi Ni
Teh Ohna Teh Avde Labaj Likh Ke Kuj V Sabit Ni Kr Skde
Je Chup Hoke Tennu Paa Ni Skde
Teh Bahla Bolke V Tennu Jitt Ni Skde
@yuv.singhofficial