Kujh gehra likhna chahune aa
jehdhaa dhuk tere tak jawe
padh bhawe saari duniyaa lawe
par samajh tainu hi aawe
ਕੁੱਝ ਗਹਿਰਾ ਲਿਖਣਾ ਚਾਹੁੰਨੇ ਆਂ
ਜਿਹੜਾ ਢੁੱਕ ਤੇਰੇ ਤੱਕ ਜਾਵੇ
ਪੜ ਭਾਵੇਂ ਸਾਰੀ ਦੁਨੀਆਂ ਲਵੇ
ਪਰ ਸਮਝ ਤੈਨੂੰ ਹੀ ਆਵੇ
Kujh gehra likhna chahune aa
jehdhaa dhuk tere tak jawe
padh bhawe saari duniyaa lawe
par samajh tainu hi aawe
ਕੁੱਝ ਗਹਿਰਾ ਲਿਖਣਾ ਚਾਹੁੰਨੇ ਆਂ
ਜਿਹੜਾ ਢੁੱਕ ਤੇਰੇ ਤੱਕ ਜਾਵੇ
ਪੜ ਭਾਵੇਂ ਸਾਰੀ ਦੁਨੀਆਂ ਲਵੇ
ਪਰ ਸਮਝ ਤੈਨੂੰ ਹੀ ਆਵੇ
दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभाने वाला
वही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला
अब इसे लोग समझते हैं गिरफ्तार मेरा
सख्त नदीम है मुझे दाम में लाने वाला
क्या कहें कितने मरासिम थे हमारे इस से
वो जो इक शख्स है मुंह फेर के जाने वाला
मुन्तज़िर किस का हूँ टूटी हुई दहलीज़ पे मैं
कौन आएगा यहाँ कौन है आने वाला
मैंने देखा है बहारों में चमन को जलते
है कोई ख्वाब की ताबीर बताने वाला
अपना हाल–ऐ–दिल बयां करने निकला तो,
वे कहने लगे एक–तरफा इश्क़ कुछ नहीं होता।
रुस्वाही समझकर,निराश भटकने लगे।।
जनाब को कोई समझाओ….
एक–तरफा इश्क़ में रोज़ दिल टूटते हैं,
आस रहती है, कभी मुड़कर हम्पें नजर पड़े उनकी,
हर रोज़ एक नई कहानी बनती है उनके साथ,
बस ख्यालों में जीते हैं……….
हमारी दास्तां….
बस ये कोरे पन्ने सुनते हैं,
डर है कि किसी रोज़ ये जलकर काले न हो जाएं।।।