Enjoy Every Movement of life!
उनके चेहरे की हंसी पर नजर मेरी तब पड़ी, जब शहर में मेरा आना हुआ..
अब उनके चेहरे पर ही रहती है ये हर घड़ी, और उनका मुझे देख शर्माना हुआ..
मेरी नज़रों पे उनकी नज़रों ने लगाई ऐसी हथ-कडी, ना फिर मेरा कभी घर जाना हुआ..
अब नज़रों से सिर्फ वही देखते हैं, जो वो दिखाती है, ना जाने भरा ये हमने, कैसा हर-ज़ाना हुआ..
Ja tan fatwa jaari karde sadhi maut wala
ja lag ja rooh nu la-ilaz koi dukh ho k
ਜਾਂ ਤਾਂ ਫਤਵਾ ਜਾਰੀ ਕਰਦੇ ਸਾਡੀ ਮੌਤ ਵਾਲਾ
ਜਾਂ ਲੱਗ ਜਾ ਰੂਹ ਨੂੰ ਲਾ-ਇਲਾਜ਼ ਕੋਈ ਦੁਖ ਹੋ ਕੇ
