कुछ पुरानी तस्वीर देखी तो लगा
मासूमियत बस यहीं बाकी है,
अनुभव से कहता हूं,
आज के चेहरों में सिर्फ अदाकारी बाकी है...
Enjoy Every Movement of life!
कुछ पुरानी तस्वीर देखी तो लगा
मासूमियत बस यहीं बाकी है,
अनुभव से कहता हूं,
आज के चेहरों में सिर्फ अदाकारी बाकी है...

Ohne door hon toh pehlaan ikk vaar bhi nahi sochya,
Bss aahi soch-soch zindagi guzarti main taan…