Kush toh kimti hai us maili saadhi ke pallu me
warna maa ke aanchal ke liye duniyaa tarsti hai कुछ तो कीमती है उस मैली साड़ी के पल्लू में,
वरना मां के आंचल के लिए दुनिया तरसती नहीं..
Kush toh kimti hai us maili saadhi ke pallu me
warna maa ke aanchal ke liye duniyaa tarsti hai कुछ तो कीमती है उस मैली साड़ी के पल्लू में,
वरना मां के आंचल के लिए दुनिया तरसती नहीं..

कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।