कुछ यादो को याद करने को संभाला हैं
तेरे खतों को जलाने को संभाला है
जहा हैं वही रह नजर न आ
हमने अपने दिल को बड़ी मुश्किल से संभाला है
कुछ यादो को याद करने को संभाला हैं
तेरे खतों को जलाने को संभाला है
जहा हैं वही रह नजर न आ
हमने अपने दिल को बड़ी मुश्किल से संभाला है
Bevajah hi khojta raha meri pareshaniyon me unko,
ab hr koi mere liye pareshan ho jaye ye zaruri to nhi.🙃
wo zara sa pass kya hue hm to kho hi gye unme,
pass akar koi hmesha pass hi reh jaye ye zaruri to nhi. 💔
बेवजह ही खोजता रहा मेरी परेशानियों में उनको
अब हर कोई मेरे लिए परेशान हो जाये ये ज़रूरी तो नही🙃
वो ज़रा सा पास क्या हुए हम तो खो ही गए उनमें
पास आकर कोई हमेशा पास ही रह जाए ये ज़रूरी तो नही 💔
एक रात जब दरवाजे पर दस्तक हुई, तो लगा कोई आया होगा..
आख़िर देर रात ये है कौन। कहीं कोई बुरी खबर तो ना लाया होगा..?
बिस्तर से उठा घबराहट के साथ, रात ताला भी तो लगाया होगा..
चाबी ना जाने कहां रख दी मैंने, ऐसा होगा, रात दिमाग में ना आया होगा..
चाबी लेकर दौड़ा दरवाजे की ओर, दरवाजा तो खोलू, शायद कोई घबराया होगा..
दरवाज़ा खोला कोई नहीं था, ये कोई मज़ाक का वक़्त है, जो दरवाज़ा खटखटाया
होगा..
ना जाने कौन था ये, जो इतनी रात गऐ मेरे दर पे आया होगा..?
पूरी रात निकल गई सोचने में, ये मेरा वहम था, या सच में कोई आया होगा..