
ab to dard bhi nahi mere alfaazo me
tu taaro se poochhti hai haal mera
arey wo bhi ro padtey hai mere halaato pe

कोई भी जहर को मीठा नहीं बताता है।
कल अपने आप को देखा था माँ की आँखों में
ये आईना हमे बूढ़ा नहीं बताता है।
ए अँधेरे देख ले मुँह तेरा काला हो गया
माँ ने आँखे खोल दी घर में उजाला हो गया।
किस तरह वो मेरे गुनाहो को धो देती है
माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।
बुलंदियों का बड़े से बड़ा नीसान छुआ
उठाया गोद में माँ ने तब आसमान छुआ।
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आयी
मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आयी।
Patharo se pyar kiya kyunki nadan the hum 🙃
Galti hui kyunki insan the hum 🙂
Aaj jinhe humse nazre milane mein takleef hoti hai 😶
Kal usi insan ki jaan the hum 💔
पत्थरों से प्यार किया क्योंकि नादान थे हम, 🙃
गलती हुई क्योंकि इंसान थे हम, 🙂
आज जिन्हें हमसे नजरे मिलाने में तकलीफ होती है, 😶
कल उसी इंसान की जान थे हम।💔