
ab to dard bhi nahi mere alfaazo me
tu taaro se poochhti hai haal mera
arey wo bhi ro padtey hai mere halaato pe

अब कौन रोज़ रोज़ ख़ुदा ढूंढे,
जिसको न मिले वही ढूंढे ..
रात आयी है, सुबह भी होगी,
आधी रात में कौन सुबह ढूंढे..
जिंदगी है जी खोल कर जियो,
रोज़ रोज़ क्यों जीने की वजह ढूंढ़े..
चलते फिरते पत्थरों के शहर में,
पत्थर खुद पत्थरों में भगवान ढूंढ़े..
धरती को जन्नत बनाना है अगर,
हर शख्स खुद में पहले इंसान ढूंढे…!!!
Ke ab hum jaanbujhkar tumhe yaad nhi karte
Tere khato se bhi chedchaad nhi karte🙃
Subah uth tere photo bhi nhi dekhte
Ab hum baat mein bhi teri baat nhi karte 💔
कि अब हम जानबूझकर तुम्हे याद नही करते
तेरे खतो से भी छेड़छाड़ नही करते🙃
सुबह उठ तेरे फोटो भी नही देखते
अब हम बात में भी तेरी बात नही करते💔