याद
क्या है याद?
कुछ बातें
कुछ मुलाकातें
अलबम में रखी तस्वीरें
ज़हन में घूमती तकरीरें
बारिशों में प्यास
शाम करें उदास
नींद का ख़्वाब
या फिर मिलने की फ़रियाद
क्या है याद??
Enjoy Every Movement of life!
याद
क्या है याद?
कुछ बातें
कुछ मुलाकातें
अलबम में रखी तस्वीरें
ज़हन में घूमती तकरीरें
बारिशों में प्यास
शाम करें उदास
नींद का ख़्वाब
या फिर मिलने की फ़रियाद
क्या है याद??

Yun to bheed kaafi huya karti thi, mehfil mein meri,
Fir mein sach bolta gya aur log uthte gaye..!💯
यूँ तो “भीड़” क़ाफी हुआ करती थी,”महफ़िल” में मेरी,
फिर मैं “सच” बोलता गया..और लोग “उठते” गए..!💯