लहू का रंग एक है
अमीर क्या गरीब क्या…
बने है एक खाकसे
तो दूर क्या करीब क्या…
गरीब है तो इसलिए के तुम अमीर हो गये….
एक बादशाह हुआ तो सौ फकीर हो गये…

हादसे का क्या भरोसा,
शायद अगले पल होगा,
फिर भी चल रही है धड़कने तो
दिल थाम लेना
शायद ज़िन्दगी में नए इश्तहार अभी बाकी है
सांसों को थमने का इंतजार करना होगा
किसी का वाजिब इंतजार अभी बाकी है
देहलीज़ पर दस्तक देकर
हम दिल हो जाऊ सबसे
बेशक,
मुझसे थोड़ी सांसे अब भी बाकी है...