लहू का रंग एक है
अमीर क्या गरीब क्या…
बने है एक खाकसे
तो दूर क्या करीब क्या…
गरीब है तो इसलिए के तुम अमीर हो गये….
एक बादशाह हुआ तो सौ फकीर हो गये…
जदो दी फड़ी ओहने
मेरी कलाई
मै अपना आप
गवा आयी हाँ
टूट गयी मेरी
कंच दी वंग
पर मैं फेर
भी हथ छुड़ा
आयी हाँ
भज दी दी
मेरी खुल गई
पज़ेब
मै निशानी बाज
ओनु फड़ा
आयी हाँ
जालिम किता
जादू ऐसा
मैं दिल अपना
ओहदे ते लुटा
आयी हा
मैं इश्के दी पींग
चढ़ा आयी हां
मैं इश्के दी पींग
चढ़ा आयी हाँ..हर्ष✍️
Koun rakhega yaad hame is daur-e-khudgarzi mein
Haalat aise hai ki logo ko khuda yad nahi rehta💯
कौन रखेगा याद हमे इस दौर-ए-खुदगरज़ी में
हालत ऐसे है कि लोगो को खुदा याद नहीं रहता💯