Jad nashe ohde ch dil choor hoyia
Rabbi shakti jeha oh noor hoyia
Jo rooh vich vasseya khuda ban ke..!!
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”
Dogle yaara de dogle kirdaar ne
Jehre rakhde ne khanjar yaara lyi
Oh yaar vi kive de yaar ne
Mein har ikk lyi kita dil to
Shayad ehi galti c taa hi hoye pith te vaar ne💔
ਦੋਗਲੇ ਯਾਰਾਂ ਦੇ ਦੋਗਲੇ ਕਿਰਦਾਰ ਨੇ
ਜਿਹੜੇ ਰੱਖਦੇ ਨੇ ਖੰਜਰ ਯਾਰਾਂ ਲਈ
ਉਹ ਯਾਰ ਵੀ ਕਿਵੇਂ ਦੇ ਯਾਰ ਨੇ
ਮੈਂ ਹਰ ਇੱਕ ਲਈ ਕੀਤਾ ਦਿਲ ਤੋਂ
ਸ਼ਾਇਦ ਇਹ ਗਲਤੀ ਸੀ ਤਾਂ ਹੀ ਹੋਏ ਪਿੱਠ ‘ਤੇ ਵਾਰ ਨੇ💔