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Life has TEACHES English Life Quotes

“English Life Quotes”

“Life has teaches one thing that we cannot always be special to anyone”

“Waiting is painful. forgetting is painful. but not knowing which to do is the worse kind of suffering”

Can i die just for a say ?

I just wanna see who will cry when i’m gone….

Title: Life has TEACHES English Life Quotes

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Tere rusan naal || Yaad punjabi shayari

Tere rusan naal taan kujh hoeyaa nahi
teriyaa puraaniya gallan yaad aayia
jihna nu yaad kar me raat nu soyeaa nahi
unjh taa me bahut hi kathor subaah da haa
par tere jaan baad koi aisi raat nahi
ki jo me tainu yaad kar royeaa nahi

ਤੇਰੇ ਰੁਸਣ ਨਾਲ ਤਾਂ ਕੁਝ ਹੋਇਆ ਨਹੀਂ

ਤੇਰੀਆ ਪੁਰਾਣੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਯਾਦ ਆਈਆਂ

ਜਿਹਨਾਂ ਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰ ਮੈ ਰਾਤ ਨੂੰ ਸੋਇਆ ਨਹੀਂ

ਉੰਝ ਤਾਂ ਮੈ ਬਹੁਤ ਹੀ ਕਠੋਰ ਸੁਬਾਹ ਦਾ ਹਾਂ

ਪਰ ਤੇਰੇ ਜਾਣ ਬਾਅਦ ਕੋਈ ਐਸੀ ਰਾਤ ਨਹੀਂ

ਕੀ ਜੌ ਮੈ ਤੈਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰ ਰੋਇਆ ਨਹੀਂ

Title: Tere rusan naal || Yaad punjabi shayari


Hindi kavita || बहती नदी – सी || hindi poetry

थी मै,शांत चित्त बहती नदी – सी
तलहटी में था कुछ जमा हुआ
कुछ बर्फ – सा ,कुछ पत्थर – सा।
शायद कुछ मरा हुआ..
कुछ अधमरा सा।
छोड़ दिया था मैंने
हर आशा व निराशा।
होंठो में मुस्कान लिए
जीवन के जंग में उलझी
कभी सुलगी,कभी सुलझी..
बस बहना सीख लिया था मैंने।
जो लगी थी चोट कभी
जो टूटा था हृदय कभी
उन दरारों को सबसे छुपा लिया था
कर्तव्यों की आड़ में।
फिर एक दिन..
हवा के झोंके के संग
ना जाने कहीं से आया
एक मनभावन चंचल तितली
था वो जरा प्यासा सा
मनमोहक प्यारा सा।
खुशबूओं और पुष्पों
की दुनिया छोड़
सारी असमानताओं और
बंधनों को तोड़
सहमी – बहती नदी को
खुलकर बहना सीखा गया,
अपने प्रेम की गरमी से
बर्फ क्या पत्थर भी पिघला गया।
पाकर विश्वास कोमल भावों से जोड़े नाते का
सारी दबी अपेक्षाएं हो गई फिर जीवंत
लेकिन क्या पता था –
होगा इसका भी एक दिन अंत !
तितली को आयी अपनों की याद
मुड़ चला बगिया की ओर
सह ना सकी ये देख नदी
ये बिछड़न ये एकाकीपन
रोयी , गिड़गिड़ाई ..की मिन्नतें
दर्द दुबारा ये सह न पाऊंगी
सिसक सिसक कर उसे बतलाई।
नहीं सुनना था उसे,
नहीं सुन पाया वो।
नहीं रुकना था उसे,
नहीं रुक पाया वो।
तेज उफान आया नदी में,
क्रोध और अवसाद
छाया मन में,
फिर छला था
नेह जता कर किसी ने।
आवाज देती..लहरें,
उठती और गिरती
किनारों से टकराती,
हो गई घायल।
बीत गए असंख्य क्षण
उसकी वापसी की आस में
लेकिन सामने था, तो सिर्फ शून्य।
हो गई नदी फिर से मौन..
छा गई निरवता।
लेकिन अबकी बार,
नहीं जमा कुछ तलहटी में
कुछ बर्फ सा,
कुछ पत्थर सा।
बस रह गया भीतर
रक्तिम हृदय..
और लाल रक्त।
जो रिस रिस कर
घुलता जा रहा है
मिलता जा रहा है
अपने ही बेरंग पानी में…।।

Title: Hindi kavita || बहती नदी – सी || hindi poetry