“जिसने भी मेरी किस्मत लिखी है अधूरी लिखी है, आजकल उसी को पूरा करने में लगा हुआ हूँ II”
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे तेरी मर्जी के मुताबिक नज़र आयें कैसे घर सजाने का तसव्वुर तो बहुत बाद का है पहले ये तय हो की इस घर को बचाएं कैसे क़हक़हा आँख का बर्ताव बदल देता है हंसने वाले तुझे आंसू नज़र आयें कैसे कोई अपनी ही नज़र से तो हमें देखेगा एक कतरे को समंदर नज़र आयें कैसे लाख तलवरे झुकी अती हो गरदन की तरफ सर झुकाना नहीं आता तो झुकाएं कैसे
ਕਿਹੜੇ ਚੱਕਰਾਂ ਚ ਪਾ ਲਈ ਇਹ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਘਰ ਦੀਆਂ ਲਈ time ⏲️ ਜੁੜਦਾ ਨਹੀਂ
DOLLARA ਪਿਛੇ ਬਾਹਰ 🇨🇦 ਆ ਗਏ hun ਘਰ ਮੁੜਨ ਦਾ ਰਾਹ ਮਿਲਦਾ ਨਈ
ਆਪ ਬਣਾਉਣੀ ਆਪ ਪਕਾਉਣੀ, ਸਿੱਖ ਗਏ ਆਂ ਪਰ ਮਾਂ ਦੇ ਹੱਥ ਦੀ ਬਨਾਈ ਭੁਲਦੀ ਨਈ
ਪਾਞੇਂ ਬਾਹਰ 🇨🇦 ਦੀ lyf ਵਖਰੀ ਆ
ਪਰ
ਪਿੰਡ ਆਲੀ lyf ਭੁਲਦੀ ਨਈ